अफीम के खेत में घुस गया मगरमच्छ, दो घंटे तक रस्सी से बांधकर खेलते रहे सभी ग्रामीण

गांव के दिनेश पाटीदार के खेत में अफीम फसल पर दवा छिड़कने का काम कर रहे मजदूर को खेत के अंदर मगरमच्छ का एक बच्चा दिखा। तो डरकर खेत से गांव पहुंचकर उसने ग्रामीणों को सूचना दी। इस पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और उसे रस्सी से बांधकर गांव ले आए। जहां मौजूद ग्रामीणों ने रस्सी से बंधे मगरमच्छ के बच्चें को दो घंटे से अधिक समय तक परेशान किया। मानों दो घंटे तक ग्रामीण मगरमच्छ के बच्चें से खेल रहे थे। बाद में वन विभाग की टीम पहुंची और इसे पकड़कर चंबल नदी में छोड़ा। 
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जिसे ग्रामिणों कि मदद से पकड़ा गया। इसके बाद में वही खेत से बाहर लाकर ग्रामिणों द्वारा मगरमच्छ से खेलते हुए नजर आए। कोई कभी उसकी पूंछ पर मार रहा था तो कोई पीठ पर कोई एक और घसीट रहा था तो कोई दूसरी और। मगरमच्छ भी बार-बार ग्रामीणों की और छपट रहा था। वही बताया गया कि खेत से करीब 1000 फीट की दूरी पर एक तलाई है। जहा पर वो मगरमच्छ का बच्चा आए दिन नजर आता रहा है। 

किसान खेत में सिंचाई करने गया तो उसे मगरमच्छ दिखा तो उसने शोर मचाया व गांव में फोन लगाकर सुचना दी। उसके बाद में काफी संख्या में ग्रामीण लोग मोके पर पहुंचे और उस मगरमच्छ के बच्चे को रस्सी से बांध कर खेत से बाहर लेकर आए उसके बाद में ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को अवगत करवाया। दो घंटे बाद वन विभाग कि टीम वहां पहुंची। तब तक ग्रामिणों उस मगरमच्छ को पकड़कर रखा वही कई ग्रामिणों ने अपनी जान कि परवाह किए बिना ही उसे हाथों व पेरों से छेड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। 

हालाकी इसमे कोई जन हानि नहीं हुई लेकिन इतना सब कुछ होता रहा पर नहीं पहुंच पाए। लिंबावास नगर के बाहर स्कूल के पास दिनेश पाटीदार के खेत में शुक्रवार को यह मगरमच्छ दिखा था। वहां काम कर रहे सीताराम ने मगरमच्छ दिखने पर पाटीदार को सूचना दी। दोपहर ३ बजे ग्रामीणों ने फोन लगाया और टीम शाम ५ बजे बाद पहुंची। ग्रामीण तरूण माली, दिनेश पाटीदार, सीताराम धनगर, रतनलाल, कारूलाल, कमल, नागपाल सहित कई ग्रामिण व बच्चे व महिला मौजूद थी।