पश्चिम बंगाल से अपहृत किशोरी हो गई बरामद, अपहर्ता भी किया गया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस ने नगर थाना पुलिस के सहयोग से एक किशोरी को बरामद कर लिया है। साथ ही अपहर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। नगर थाना क्षेत्र के सलेमपुर से बरामदगी व गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तार अपहर्ता मंसूर शेख (28) सलेमपुर गांव का रहने वाला है। मंसूर शेख के विरुद्ध शादी की नीयत से एक किशोरी को भगा ले जाने का आरोप है। उसके विरुद्ध किशोरी की मां ने पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर थाना में 17 दिसंबर 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 
थाना के दारोगा आरएस दास ने बताया कि मंसूर शेख ने किशोरी को शादी की नीयत से भगा ले गया था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन एवं मोबाइल का सिम बदलता जा रहा था। सीडीआर से यह पता चल रहा था। तकनीकी व वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अंततोगत्वा उसे गिरफ्तार करने तथा किशोरी को बरामद करने में सफलता मिल गई। छापेमारी में पश्चिम बंगाल के उक्त थाना के दारोगा आरएस दास, कांस्टेबल अमित सरदार व अमित कुमार सिंह, महिला सिपाही निरूपमा, प्रतिमा एवं सावित्री तथा मधुबनी नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक छठीलाल सिंह, महिला थानाध्यक्ष रीना कुमारी, महिला सिपाही अंजू कुमारी आदि ने भाग लिया। 

मंसूर शेख ने बताया कि वह पहले चेन्नई में लेदर कारखाना में कंप्यूटर कर्मी के रूप में काम करता था। करीब दस साल तक वह चेन्नई में काम किया। इस दौरान किशोरी की मौसी से उसकी नजदीकी बढ़ी। बाद में दोनों ने आपस में शादी रचा ली। उसकी मौसी का मायके पश्चिम बंगाल के उक्त थाना क्षेत्र में है। किशोरी भी ननिहाल में रहती थी। अपहृता की मौसी से शादी करने के बाद वह उसके मायके आने-जाने लगा। बाद में चेन्नई छोड़कर वह पश्चिम बंगाल में ही लेदर कारखाना में कंप्यूटर का काम करने लगा। इसी दौरान उसकी नजदीकी किशोरी से बढ़ गई। यह प्रेम-प्रसंग में तब्दील हो गया। किशोरी की मौसी ने उसे छोड़ दिया। वह पहले भी कई शादी कर चुकी थी। इसके बाद उसने किशोरी से शादी रचा ली। लेकिन, किशोरी के परिजनों को यह शादी पसंद नहीं थी। इस कारण अपहृता की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।