बच्चे को बचाने के लिए बंदरों ने शिकारी बाज को दबोच लिया, और फिर पटककर उसको मार डाला

मेरठ के मवाना में मंगलवार दोपहर लोगों को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां तहसील परिसर में एक शिकारी बाज को बंदरों से पंगा लेना महंगा पड़ गया। बाज और बंदरों की इस लड़ाई को जिसने भी देखा वह हैरान रह गया। आगे जानें आखिर अपने बच्चे को बचाने के लिए बंदरों ने कैसे शक्तिशाली बाज को उतार दिया मौत के घाट। वाना तहसील परिसर में बंदरों से पंगा लेना एक बाज को भारी पड़ गया। बंदर के बच्चे को पकड़ने पर बंदरों ने मिलकर बाज पर हमला कर उसे मार दिया। यह देख मौके पर लोग भी जमा हो गए। 
मवाना तहसील परिसर में प्रतिदिन बंदर घूमते रहते हैं। मंगलवार को बंदरों का झुंड परिसर और बिल्डिंग पर उछलकूद कर रहा था। इस दौरान परिसर में पेड़ पर एक बाज आकर बैठ गया। बाज ने मौका देखते ही बंदरों के झुंड से एक बच्चे को दबोच लिया और पेड़ पर लेकर बैठ गया। बंदर के चीखने की आवाज सुनकर साथी बंदरों भी पेड़ पर चढ़ गए। बंदरों ने एक साथ बाज पर हमला बोल दिया। पेड़ पर ही काफी देर तक बंदरों और बाज में छीना झपटी होती रही। इस बीच बंदर का बच्चा बाज के पंजे से छूट गया। 

बच्चा मामूली रूप से घायल हुआ है। वहीं पेड़ पर ही बंदरों ने बाज को घायल कर दिया इससे वह नीचे गिर गया। इसके बाद भी बंदर नहीं माने और झुंड ने नीचे आकर बाज को फिर दबोच लिया। एक बंदर ने बाज को पकड़कर कई बार जमीन पर पटका। इससे बाज की मौत हो गई। बंदर इतने ज्यादा गुस्से में थे कि बाज के मरने के बाद भी उसे नहीं छोड़ा और इधर उधर खींचते रहे। यह देखकर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बताया कि बंदर का बच्चा चोटिल हुआ है। यदि अन्य बंदर हमला नहीं करते तो बाज बंदर के बच्चे को ले जाता।