वाहन चैकिंग में निकल गए एक घंटे, इलाज न मिल पाने से युवक की हो गई मौत

पुलिस की वाहन चैकिंग में फंसने की वजह से एक युवक ने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। युवक को सीने में दर्द हो रहा था। साथी ऑटो चालक उसे लेकर मेडिकल के लिए रामपुर से निकला था। छोटी लाइन फाटक के पास वाहन चैकिंग में ट्रैफिक कर्मियों ने उसे रोक लिया। समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत गई। गुस्साए परिजन ने शुक्रवार को ग्वारीघाट खंदारी पुल पर शव रखकर प्रदर्शन किया। 500 रुपए चालान के चलते एक घंटे निकल गए। बादशाह हलवाई मंदिर के पास रहने वाला सचिन विश्वकर्मा (23) दमोहनाका निवासी रामयादव का ऑटो चलाता था। 
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उसकी दो दिन से तबीयत खराब थी। हाथ-पैर में दर्द था। गुरुवार को उसने इलाज के लिए मालिक से कहकर ऑटो बुलवाया था। ऑटो लेकर पहुंचे आशीष वर्मा के साथ सचिन मेडिकल अस्पताल के लिए निकला था, लेकिन छोटी लाइन फाटक के पास ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोक लिया और 500 रुपए का चालान काट दिया। सचिन ने खुद के बीमार होने का हवाला भी दिया, लेकिन पहले जुर्माना भरने का दबाव डाला गया। उसने घर से पैसे मंगवाए, इसमें एक घंटे निकल गए। सचिन के सीने का दर्द बढ़ता गया और आखिर में उसकी मौत हो गई।

ग्वारीघाट खंदारी नाला पुल पर शुक्रवार दोपहर तीन बजे सचिन विश्वकर्मा का शव रखकर परिजन ने प्रदर्शन किया। सचिन के पिता नहीं हैं। परिजन का आरोप था कि समय पर इलाज मिला होता तो शायद सचिन बच जाता। चक्का-जाम की खबर पाकर मौके पर गोरखपुर एसडीएम आशीष पांडे और ट्रैफिक एएसपी अमृत मीणा पहुंचे थे। एएसपी मीणा ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने पीडि़त परिवार को रेडक्रॉस से 20 हजार की तात्कालिक सहायता राशि देने की बात कही।