वो शातिर था, पुलिस से भी वाकिफ था, फिर भी उसने लॉकअप में कर लिया ऐसा काम...

चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक ने रविवार को रहस्यमय हालत में वराछा थाने के लॉकअप में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। सुबह हुई इस घटना से थाने में हडक़ंप मच गया। आलाधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हालांकि इसका खुलासा नहीं हो पाया है कि उसने फांसी क्यों लगाई। जानकारी के अनुसार वराछा मिनी बाजार की कोहिनूर सोसायटी के शिव अपार्टमेंट निवासी बृजेश सावलिया उर्फ लालू (20) को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को दो अन्य आरोपियों विजय और विनोद के साथ चोरी के आरोप में पकड़ा था। पूछताछ में तीनों वराछा, कतारगाम, चौकबाजार थाना क्षेत्रों में चोरी की आधा दर्जन घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया था। क्राइम ब्रांच ने बृजेश को चोरी के दो मामलों में वराछा पुलिस के हवाले कर दिया था। वराछा पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया था।
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रविवार सुबह करीब ग्यारह बजे वह लॉकअप के शौचालय गया। वहां वेंटीलेशन की खिडक़ी की जाली पर शॉल बांध कर उसने फांसी लगा ली। आधे घंटे बाद एक अन्य आरोपी शौचालय गया। दरवाजा नहीं खुलने पर उसने थाना अधिकारी (पीएसओ) को सूचना दी। पीएसओ ने दरवाजा खुलवा कर देखा तो बृजेश मृत पाया गया। थाने में हडक़ंप मच गया। आलाधिकारियों ने मौका मुआयना करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए स्मीमेर अस्पताल भिजवाया। मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सी.के.पटेल को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि लॉकअप में बृजेश के साथ आठ और आरोपी थे। उनसे घटना के बारे में प्राथमिक पूछताछ की गई है, लेकिन बृजेश ने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बृजेश शातिर था। वह पहले भी चोरी के मामले में वराछा थाना क्षेत्र में पकड़ा जा चुका था। वह अपने साथियों के साथ बंद दुकानों और कारखानों की रेकी कर चोरी करता था। खटोदरा थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा चोरी की आशंका में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या की घटना के बाद वराछा थाने में यह मामला सामने आया है। वराछा पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि उसने आत्महत्या की। आखिर बृजेश ने आत्महत्या क्यों की और क्या रिमांड के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा उसे प्रताडि़त किया जा रहा था, इसकी जानकारी जांच के बाद ही मिल पाएगी।