सरपंच प्रत्याक्षी की विजय के बाद हुआ पथराव, अधिकारियों को भी बचने के लिए करनी पड़ी मशक्कत

प्रतापगढ़ जिले के बड़वास कला पोलिंग बूथ पर मतगणना के बाद पथराव से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पथराव के दौरान यहां पर कार्यरत अधिकारी को भी अपनी जान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पथराव के बीच अधिकारी ने छुपकर अपनी जान बचाई। सूचना पर जिला कलेक्टर व विधायक पुलिस जाब्ता सहित मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों से समझाइश की। जानकारी के अनुसार जैसे ही रात को मतगणना के बाद सरपंच प्रत्याक्षी की विजय घोषणा हुई तो हारे हुए उम्मीदवारों के नाराज लोगों ने कुछ असमाजिक तत्वों के साथ पोलिंग बूथ पर पथराव शुरू कर दिया। जिस पर मतगणना के अंदर कार्यरत कर्मचारियों को दरवाजा बंद कर अपनी जान बचानी पड़ी।
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इधर हमलावरों ने परिसर में खड़ी जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी और बस में भी तोडफ़ोड़ कर दी। पोलिंग बूथ के अंदर कार्यरत कर्मचारियों ने इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर दी जहां से जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप अधीक्षक, विधायक रामलाल मीणा रात्रि 12:00 बजे बड़वास कला पोलिंग बूथ पर पहुंचे और आमजन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इस दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। बड़वास कला पोलिंग पार्टी को रात्रि में ही अपने साथ ले गए। पुलिस बल को काफी मुश्किल से यहां पर स्थिति को काबू में करना पड़ा।

इधर बस चालक अंबालाल व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शांतिलाल मीणा ने बताया की मैं बस में सोया हुआ था कि अचानक बस पर पत्थर आए और शोर शराबे की आवाजे गूंजने लगी। जब उठकर देखा तो वह भी अपनी जान बचाकर वहां से भागा और दूसरी जगह छुप गया। लोगों ने मतदान केंद्र पर पथराव करते हुए वहां बड़े-बड़े पत्थरों से रस्ता भी बंद कर दिया था।

वहीं दूसरी ओर करौली जिले में भ्भी मण्डरायल पंचायत समिति की मोंगपुरा पंचायत में परिणाम घोषित होने के बाद एक प्रत्याशी के समर्थकों की ओर से भारी पथराव किया गया। इसमें कम से कम 8 से 10 सरकारी वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। इसमें पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन शामिल हैं। डांग क्षेत्र के इस गांव की देर रात एक बजे स्थिति स्पष्ट हो पाई कि यहां पर पूर्व सरपंच जामफल के पुत्र भूरसिंह मीना को विजयी घोषित किया गया था। इस परिणाम की घोषणा के साथ ही एक अन्य प्रत्याशी के समर्थक भडक़ उठे और उन्होंने मतदान केन्द्र परपथराव करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद कार्मिकों ने तो इधर-उधर भागकर खुद को बचाया, लेकिन इस बीच सरकारी वाहनों में काफी तोडफ़ोड़ की गई।