बॉर्डर की तारबंदी तक पहुंचने वाले संदिग्धों का किया गया खुलासा

पिछले महीने 26 दिसम्बर को देर शाम भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की तारबंदी के नजदीक पहुंचे दो संदिग्धों के मामले का पटाक्षेप हो गया है। बीएसएफ और पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि तारबंदी के नजदीक पहुंचने वाले दोनों जने दक्षिण भारत से यहां बॉर्डर देखने आए हुए थे। बाकायदा अनुमति से बॉर्डर देखा, लेकिन जाते समय रास्ते में उत्सुकता में फिर तारबंदी के नजदीक चले गए थे।
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दंतौर थाना क्षेत्र में 26 -27 दिसम्बर की मध्यरात्रि को बॉर्डर की तारबंदी के नजदीक दो लोगों के पैरों के निशान बीएसएफ के गश्ती दल ने देखे थे। अगले दिन इसकी दंतौर थाने में बीएसएफ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मौका देखने के बाद उस दिन बॉर्डर एरिया में सक्रिय मोबाइल नम्बरों की डिटेल जुटाई। इसी के साथ बीएसएफ ने भी अपने स्तर पर पड़ताल की। इसमें सामने आया कि 27 दिसम्बर को दो जने अनुमति से बॉर्डर देखने आए हुए थे। 

वे स्कूटर से वापस सड़क से लौटते समय रास्ते में रुके और तारबंदी के नजदीक चले गए। उन्हीं के पैरों के निशान बीएसएफ के ड्यूटी पर आए गश्ती दल ने देखकर कम्पनी कमांडर को सूचना दी। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक 27 दिसम्बर को संदिग्धों के पदचिह्न मिलने वाले क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी शाम को बदल गए। उनकी जगह ड्यूटी पर आए नए अधिकारी को दिन में अनुमति से बॉर्डर देखने दो जनों के आने की जानकारी नहीं थी। एेसे में 26 -27 की मध्यरात्रि को पैरों के निशान तारबंदी के नजदीक मिलने पर संदिग्ध मानते हुए पड़ताल शुरू कर दी।

बीएसएफ की ओर से तारबंदी के नजदीक संदिग्ध के पैरों के निशान मिलने पर दंतौर पुलिस थाना में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया। अब जांच में मामला कोई आपराधिक नहीं होकर जानकारी के अभाव में भूल से तारबंदी के नजदीक दो जनों के जाने का निकला है। एेसे में पुलिस को मामले का निस्तारण करना होगा।