एकलौती बेटी ने माँ की अर्थी को दिया कंधा तो नम हुई सबकी आंखे

शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी में तैनात एएनएम उर्मिला गुप्ता के निधन के बाद उसकी बेटी ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। भारतीय रीति रिवाज और परंपराओं में बेटे के हाथों मां को कंधा दिए जाने पर उसे शुभ बताया गया है।
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लेकिन इन सभी आडंबरो से हटकर बेटे की तरह उर्मिला की बेटी ने जब अपनी मां की अर्थी को कंधा देकर सड़क पर निकली तो देखने वालों की आंखों में आंसू छलक आए। सबने नम आंखों से उसकी एकलौती बेटी के इस कार्य को देख कर सब उसकी प्रशंसा करने से नहीं चुके। वहीं एक बेटी होकर एक आदर्श बेटे की तरह मां की अर्थी को कंधा देने की बात सुनकर और देख कर सभी उसके इस कार्य की बहुत प्रशंसा कर रहे हैं। 

रायपुर रोड स्थित उसकी इकलौती बेटी अपनी मां के लिए एक बेटे की तरह फर्ज निभाया। उर्मिला की इकलौती बेटी प्रमिला पट्टी स्थिति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक कर रही है।अब मां का साया छूट जाने के बाद अब वह घर में अकेली रह जाएगी। क्योंकि जन्म के 2 वर्ष बाद ही उसके पिता घर छोड़कर कहीं चले गए।