प्रेमी की सगाई से काफी ज्यादा आहत थी शिक्षिका, जिस वजह से उसने उठाया इतना बड़ा कदम...

तेलियाबाग के रंगिया महाल इलाके की रहने वाली शिक्षिका प्रीति प्रजापति की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। वह अपने प्रेमी रोहित की सगाई होने से आहत थी। 11 दिसंबर को घर से गायब होने से पहले प्रीति ने अपने प्रेमी से मुलाकात भी की थी। चौबेपुर क्षेत्र के ढकवां गांव के सामने गंगा किनारे लाश बीते शुक्रवार को उतराई मिली थी। पुलिस को रोहित के मोबाइल से प्रीति की कई तस्वीरें और मैसेज मिले। प्रीति की डायरी में भी रोहित को लेकर तमाम शायरी लिखी थी। प्रीति का अंतिम मैसेज रोहित को 'मैं जिंदा लाश बनकर रह गई हूं'।
दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोप को लेकर एसएसपी ने स्वयं कमान संभाली। प्रीति के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स निकलवाई। छह दिसंबर की रात प्रीति ने एक मोबाइल नंबर पर लगभग चार घंटे तक बात की थी। लापता होने वाले दिन 11 दिसंबर को भी उस नंबर पर बात हुई थी। पुलिस को शक हुआ और मोबाइल नंबर के आधार पर रोहित को पकड़ा। रोहित चौक के छत्ताले इलाके में रहता है और बुलानाला में उसकी स्टेशनरी की दुकान है। पुलिस हिरासत में रोहित ने पूछताछ में बताया कि कालेज में दोनों ने साथ पढ़ाई की थी। 
बीते चार सालों से दोनों में प्रेम संबंध था। सात दिसंबर को रोहित की सगाई दूसरी लड़की से हो गई। रोहित की सगाई से आहत प्रीति ने उसका मोबाइल नंबर ब्लाक कर दिया, लेकिन वाट्सएप पर बात होती रही। बाद में प्रीति ने फिर नंबर अनब्लाक कर दिया। 11 दिसंबर को दोनों ने मिलने का समय तय किया। लहुराबीर स्थित एक स्कूल के समीप दोनों की मुलाकात हुई। वहां से दोनों संस्कृत महाविद्यालय तक साथ आए। वहां से रोहित अपने घर चला गया और प्रीति अपने। आशंका है कि वहां से प्रीति राजघाट के लिए निकली और वहां उसने पुल से गंगा में छलांग लगा दी।