तेज बारिश और ओला से किसानों की फसलें तबाह, डीएम ने दो दिन और बढ़ाई स्कूल की छुट्टियां

पहाड़ों पर हुई भीषण बर्फबारी के चलते बुंदेलखंड के मैदानी क्षेत्रों में जमकर भीषण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसी के साथ गुरुवार की देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया और जमकर बारिश हुई तथा आसमान से आफत के रूप में जमकर ओले बरसे। सूबे में तेज बारिश और जमकर हुई ओलावृष्टि से किसानों के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।
गुरुवार की देर शाम पूरे जनपद में जमकर बारिश हुई लेकिन तहसील महरौनी क्षेत्र के ग्राम छिल्ला एवं सिलावन गुढा भदौरा समेत लगभग एक दर्जन गांवों में जमकर ओलावृष्टि भी हुई। इस ओलावृष्टि में सूबे के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं बारिश और ओलावृष्टि होने से तापमान में भारी गिरावट होने की संभावना है और भीषण ठंड के चलते चना मटर के साथ दलहन की फसलों के चौपट होने का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि ओलावृष्टि की सूचना मिलने के बाद जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने सभी संबंधित अधिकारियों को ओलावृष्टि का जल्द से जल्द आंकलन करने और ओलावृष्टि से हुई क्षति की जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए ताकि किसानों को राहत दी जा सके।

ओलावृष्टि के बाद सूबे में भीषण कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है जिससे मानव जीवन अस्त-व्यस्त भी हो सकता है। हालांकि खराब मौसम और भीषण ठंड के चलते जनपद में पिछले 1 सप्ताह से भी अधिक समय से स्कूल और कॉलेज बंद चल रहे हैं और जिलाधिकारी ने एक बार फिर भीषण ठंड के चलते स्कूल और कॉलेज 2 दिनों के लिए बंद करने की घोषणा की है। इस बारे में जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सूबे के किसानों को मायूस नहीं होने दिया जाएगा जल्द से जल्द ओलावृष्टि से हुई खराब फसलों का सर्वे कराकर उन्हें जल्द मुआवजा राशि भी दिलाई जाएगी।