'कोई मत जगाना, मुझे तो बाबा ही उठाएंगे' जानिए लड़का ऐसा क्यों लिख गया...

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में झालरे के निकट गुरुवार तड़के युवक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। सूचना मिलने पर दरगाह थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाश को जवाहरलाल नेहरू अस्तपाल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद ही उसकी मृत्यु के कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने युवक के कपड़ों की तलाशी ली तो इनमें कागज की पर्ची निकली। 
इसमें 'कोई मत जगाना मुझे तो बाबा ही उठाएंगे' लिखा मिला। प्रारम्भिक पड़ताल में पुलिस युवक के किसी बीमारी से पीडि़त होने और आत्महत्या का मामला मान रही है। हालांकि फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। दरगाह थाना प्रभारी हेमराज मंूड ने बताया कि झालरे के निकट लाश की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उसने कुर्ता-पायजामा और लाल-सफेद रंग की जैकेट पहन रखी थी। साथ ही काले रंग का ऊनी बनियान भी पहने था। युवक करीब 32-33 साल का है।