खुद की कंपनी शुरु करने के लिए चाहिए था उसको पैसा, और फिर इस तरह पैसा कमाना चाहा लेकिन पहुंच गया हवालात

इंदौर के पलासिया पुलिस ने दिल्ली के बीसीए छात्र को नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया। वह खुद की कंपनी शुरु करना चाहता था। इसके लिए रुपए की जरुरत थी तो दोस्त से नकली नोट लेकर उन्हें चलाने इंदौर आ गया। वह नकली नोट चलाता इसके पहले पुलिस के हत्थे लग गया। टीआई पलासिया विनोद दीक्षित ने बताया कि शनिवार रात 1.30 बजे लाला राम नगर में नकली नोट लेकर युवक के होने की जानकारी मिली। एसआई माधवसिंह भदौरिया, सिपाही देवेंद्र सिंह जादौन, सतीश अंजाना ने यहां से सूर्यप्रताप सिंह चौहान (19) निवासी इटावा, उत्तरप्रदेश को पकड़ा। वह अपने मौसेरे भाई के घर आया था। 
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सूर्यप्रताप के पास से 100 रुपए के 125 व 200 रुपए के 52 नकली नोट कीमत 22700 रुपए के जब्त हुए। सूर्यप्रताप के खिलाफ पलासिया पुलिस ने केस दर्ज किया। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली से वह बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। उसे एक कंपनी शुरु करना है जिसके जरिए कंपनी सीधे रिटेलर को माल सप्लाए कर सके। इस कंपनी को शुरु करने के लिए उसे 80 हजार रुपए की जरुरत थी। यह बात उसने दोस्त दीपक वानखेड़े निवासी नागपुर को बताई। सोशल मीडिया के जरिए दीपक से उसकी दोस्ती हुई थी। नागपुर में मिलने पर उसने कुछ नकली नोट दिए थे। एक बार गलती से उसने यह नोट एक दुकानदार को दिए। 

नोट देखकर उसने कहां था कि ये नकली है लेकिन में इसे चला दूंगा। जब दीपक से उसने बात की तो उसने ये नोट कलर प्रिंटर के जरिए तैयार कर दिए। इन्हें चलाने के लिए वह इंदौर आ गया। दीपक ने बताया था कि कंपनी शुरु करने के लिए इसी तरह शार्ट कट से ही पैसा इक_ा किया जा सकता है। इन नोट को चलाने पर एक तय हिस्सा वह दीपक को देता। सूर्यप्रताप का कहना है कि पहली बार वह नकली नोट लेकर इंदौर आया है। वह इन्हें चला पाता इसके पहले पकड़ा गया। पुलिस ने रविवार को उसे कोर्ट में पेश कर 22 जनवरी तक रिमांड पर लिया। उससे नकली नोट को लेकर पूछताछ की जा रही है। उसकी निशादेही पर पुलिस दीपक को भी गिरफ्तार करेंगी।