बेटी ने पढ़ने की जिद किया तो सौतेली मां ने उसको घर से बाहर किया

फिर सौतेली माता ने मां की ममता पर प्रश्न खड़ा किया है। सौतेली मां की ममता पर उठा यह सवाल सोमवार को शेखपुरा के महिला हेल्पलाइन पहुंचा। असल में कहानी यह है कि एक बेटी ने जब पढ़ने की जिद की तो उसकी सौतेली मां ने उसे मारपीट करके घर से बाहर कर दिया। यह मामला जिला के बरबीघा प्रखंड के बभनबीघा गांव की है। सौतेली मां की प्रताड़ना से पीड़ित किशोरी को महिला हेल्पलाइन का आसरा मिला है। हेल्पलाइन की परियोजना प्रबंधक अमृता दयाल ने इस किशोरी को अपने साथ रखकर घर वालों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया है। 
loading...
महिला हेल्पलाइन की अधिकारी ने बताया कि इस किशोरी के पिता अर्जुन चौधरी राज-मिस्त्री का काम करते हैं। किशोरी की मां के निधन के बाद इसके पिता ने दूसरी शादी की है। किशोरी बभनबीघा हाई स्कूल में ही नौवीं कक्षा की छात्रा है। बताया गया कि सौतेली मां इस किशोरी को पढ़ने नहीं देती है। जबकि वह अपने सगे बच्चों को पढ़ा-लिखा रही है। सौतेली मां इस किशोरी को स्कूल जाने नहीं देती है। जब किशोरी ने पढ़ने की जिद की तो सोमवार को उसे घर से निकाल दिया।

सौतेली मां द्वारा भगाई गई यह किशोरी महिला हेल्पलाइन की अधिकारी की वजह से गलत हाथों में जाने से बच गई। अमृता दयाल ने बताया कि वह बस से शेखपुरा कार्यालय आ रही थी। तब यह किशोरी बस में बैठी रो रही थी। कुछ अंजान युवक इस किशोरी को बस में घेरे खड़े थे। स्थिति को कुछ असहज भांपकर अमृता दयाल ने इस किशोरी से पूछताछ शुरू की तब सारी स्थिति सामने आई। इसके बाद दयाल ने इस किशोरी को अपने साथ कार्यालय ले आई। उन्होंने बताया कि अब किशोरी के साथ उसके घर जाकर माता तथा पिता से बात की जाएगी। विवाहिता ने विधवा को अपनी सौतन बनाया