रिश्वत के रूप में भैंस लेकर पहुंची महिला पर FIR दर्ज, धन्य है राजस्व अमला...

वारिसाना कराने के एवज में उपखंड कार्यालय सिहावल में पदस्थ लिपिक द्वारा मांगी जा रही रिश्वत के रूप में भैंस देने पहुंची महिला पर ही पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एसडीएम के पत्र के आधार पर महिला सहित नौ लोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण कायम किया है। इसमें कुछ भाजपा नेता और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं।

ये है मामला
बता दें कि सिहावल तहसील के नौढिया गांव की रामकली पटेल ने चार माह पूर्व अपनी जमीन का वारिसाना कराने के लिए उपखंड अधिकारी सिहावल के न्यायालय में अपील दायर की थी, लेकिन प्रकरण पर लंबे समय तक सुनवाई नहीं हुई। महिला ने बताया कि एसडीएम के बाबू शुक्ला ने काम के एवज में रिश्वत की मांग की। इस पर दूध बेचकर 10 हजार रुपए दिए। तब बाबू ने आश्वासन दिया कि काम हो जाएगा। पिछले दिनों जब फिर एसडीएम कोर्ट पहुंची तो बाबू ने कहा कि फाइल नहीं मिल रही। कुछ रुपए और देने पड़ेगे। घर में रुपए नहीं होने पर मंगलवार को महिला भैंस लेकर तहसील कार्यालय रिश्वत देने पहुंची थी।

मामला सुर्खियों में आने पर एसडीएम सिहावल आरके सिन्हा ने फरियादी पर ही बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए पुलिस चौकी सिहावल को कार्यालयीन पत्र भेजा। उसमें लेखा कि रामकली पति शंभू प्रसाद पटेल निवासी नौढिय़ा कृषक ग्राम अमिरती 7 जनवरी को अन्य सहयोगी लोगों के बहकावे में आकर तहसील परिसर में भैंस लेकर आई। कार्यालय में पदस्थ तृतीय श्रेणी कर्मचारी वीरेंद्र कुमार शुक्ला को 10 हजार देने, पुन: 10 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाकर भैंस को तहसील परिसर में बांध दिया।

मामला सुर्खियों में आने पर सिहावल पहुंचे कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने मामले में संज्ञान लिया और एसडीएम को तत्काल सिहावल से हटाकर कुसमी उपखंड का उपखंड अधिकारी बनाया है, वहीं एसडीएम कुसमी सुधीर कुमार बेक को सिहावल का एसडीएम बनाया है। कलेक्टर ने घटना की जांच के निर्देश अपर कलेक्टर को दिए हैं।