OLX पर दो भाईयों ने मिलकर लोगों को ऐसे लगाया करोड़ों का चूना, एक अनपढ़ तो दूसरा 5वीं है फेल

ओएलएक्स पर मोबाइल व गाड़ियां बेचने का फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को साइबर सेल की टीम ने यूपी के मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान फकरुद्दीन (45) व आलम उर्फ संदीप उर्फ दिवांशु (24) निवासी गांव जंगवाली, थाना शेरगढ़, जिला मथुरा के तौर पर हुई है। दोनों आरोपितों को शनिवार को खरड़ अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तार फकरुद्दीन बिल्कुल अनपढ़ है जबकि उसका भाई आलम पांचवीं फेल है। दोनों भाई इतने एक्सपर्ट तरीके से काम कर रहे थे कि जैसे उन्हें आइटी की पूरी नॉलेज हो। 
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आरोपित ओएलएक्स पर मोबाइल फोन, एक्टिवा, कार व अन्य सामान बेचने के लिए एड डालते थे। आरोपित लोगों को विश्वास में लेने के लिए किसी जोरा सिंह नाम के इंडियन आर्मी ऑफिसर का कैंटीन कार्ड व आधार कार्ड इस्तेमाल करते थे। जो भी इनसे एड देखकर उनके नंबर पर संपर्क करता, वह उन्हें उक्त फौजी के दस्तावेज भेज देते थे ताकि उसे यकीन हो जाए और बाद में उससे अपने पेटीएम में पैसे डलवा लेते थे। पेटीएम में आई राशि को आलम बाद में फकरुद्दीन के निजी खाते में ट्रांसफर कर देता था। बदले में उसके घर ईंट व पत्थर कुरियर करवा देते थे।

एक करोड़ के सात खाते सीज, 15 दिन की ली थी ट्रेनिंग। उक्त दोनों भाइयों ने लोगों से ठगी मारकर करोड़ों रुपये बैंक खातों में जमा करवाए थे। पुलिस ने आरोपितों के सात अलग-अलग बैंक खातों में पड़े कुल एक करोड़ रुपये सीज करवा दिए हैं। दोनों भाइयों ने ठगी के धंधे में आने से पहले किसी गैंग से 15 दिन की ट्रेनिंग ली थी। पुलिस उस गैंग के बारे में भी आरोपितों से पूछताछ करेगी। दोनों भाई लोगों के केवाइसी लेकर उस पर फर्जी सिम निकलवाते थे। इस फर्जी सिम का नंबर वे ओएलएक्स एड पर डालते थे ताकि इन्क्वायरी होने पकड़े न जाएं।

26 नवंबर 2019 में मोहाली के गांव जुझारनगर में रहने वाला 19 वर्षीय सागर दोनों भाइयों की ठगी का शिकार हुआ था। बीटेक स्टूडेंट सागर ने उक्त भाइयों द्वारा ओएलएक्स पर डाली वीवो मोबाइल फोन बेचने की एड देखी थी। एड देखकर सागर ने दिए गए नंबरों पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले ने अपने आपको फौजी जोरा सिंह के तौर पर पहचान करवाते हुए अपना आर्मी कैंटीन कार्ड व आधार कार्ड भेजा था। जबकि सबकुछ आलम फर्जी नंबर से ऑपरेट कर रहा था। सागर ने विश्वास में आकर उसके खाते में पहले आठ और फिर कुरियर वाले व्यक्ति दिवांशु के कहने पर उक्त पेटीएम में 4500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। 

बाद में उसके घर ईट वाला कुरियर आया जिस कारण डिप्रेशन में आकर सागर ने 28 नवंबर 2019 को अपने ही घर में खुदकशी कर ली थी। सागर के पिता के बयानों पर अज्ञात ठगों के खिलाफ बलौंगी थाने में मामला दर्ज हुआ था। दो आरोपितों को यूपी से गिरफ्तार किया गया है। यह एक गैंग के साथ मिलकर काम कर रहे थे। हमारे पास अब तक ओएलएक्स पर मोबाइल बेचने की 35 व कार बेचने की 45 शिकायतें आ चुकी हैं। दोनों भाइयों से रिमांड में पूछताछ की जाएगी। जांच में और केस हल होने की संभावना है।