भीलवाड़ा से स्वर्ण अक्षरों की कुरआन शरीफ चुराई, 16 करोड़ में सौदा तय, लेकिन उससे पहले ही...

भीलवाड़ा के मांडलगढ़ राजपरिवार की ऐतिहासिक कुरआन शरीफ चोरी करके लाने वाले को माणक चौक थाना पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी के पास से स्वर्ण अक्षरों से लिखी कुरआन शरीफ भी बरामद की ली है। पुलिस उपायुक्त उत्तर डॉ. राजीव पचार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बनवारी लाल मीणा जमवारामगढ़ के राहोरी का रहने वाला है। उसके विरुद्ध पूर्व में भी सस्ते सोने के नाम पर 4 लाख की लूट का प्रकरण भी चंदवाजी में दर्ज है। 29 जनवरी को एएसआइ हरिओम सिंह को मुखबिर से इत्तला मिली थी कि एक व्यक्ति बाईजी का खंदा में ऐतिहासिक कुरान बेचने की फिराक में घूम रहा है। इस पर पुलिस की टीम बनाकर के भेजी गई और उसे पकड़ लिया।
12 सितंबर 2019 को भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाने में योगेन्द्र सिंह मेहता ने एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मेहता का कहना था कि अकबर के द्वारा हमारे पूर्वजों को ऐतिहासिक मांडलगढ़ किला दान में दिया गया था। उस वक्त की बहुत सी ऐतिहासिक वस्तुएं उनके पास रखी है। मेहता ने बताया कि आर्थिक आवश्यकता के चलते कुरआन शरीफ बेचनी थी। परिचित दीनदयाल योगी, राकेश बंगाली ने उसको बिकवाने में लग गए। वह जयपुर में कुरान देने और पेमेंट लेने की कहने लगे। 50 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। जयपुर जाने की मना करने पर वह ओमप्रकाश सैनी और एक गाड़ी में पांच व्यक्तियों को लेकर आया। 

सुखाडिय़ा सर्कल के पास कुरान लेकर बुलाया और राकेश कुरआन लेकर के गाड़ी में बैठे लोगों को दिखाने की कहकर ले गया। कार में बैठे लोग कुरआन लेकर भाग गए। मेहता ने बताया कि कुरआन में 1014 पन्ने लिखे हुए हैं और यह कई पीढिय़ों से हमारे पास थी। थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि बनवारी से पूछताछ में सामने आया कि वह और उसके साथियों ने कुरआन को बेचने के लिए बांग्लादेश की एक पार्टी से संपर्क किया था और लगभग 16 करोड़ रुपए में सौदा भी हुआ। लेकिन इससे पहले ही कुछ महीनों पहले माणकचौक पुलिस ने इसके एक साथी खेमा उर्फ खेमचंद को आम्र्स एक्ट में गिरफ्तार किया था और उसके पास से 4.77 करोड़ के फर्जी नोट भी बरामद किए थे। आरोपी को भीलवाड़ा पुलिस ले गई थी।