बंगाल के ईंट भट्ठे में फंस गए थे 17 मजदूर, 8 माह से नहीं मिली थी मजदूरी...

पश्चिम बंगाल के ईंट भट्ठे में बतौर बंधुआ मजदूर काम कर रहे 17 लोगों को छुड़ा लिया गया है। मजदूर घर लौट आए हैं। इस मामले में पश्चिम बंगाल में एक केस भी दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम तानाखार के 17 ग्रामीणों को जिला चांपा और बिलासपुर में सक्रिय एजेंट अच्छी तनख्वाह का लालच देकर पश्चिम बंगाल की 24 परगना जिले में ले गए थे। 
बरईपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे में मजदूरों से काम ले रहे थे, उन्हें मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रहे थे। लगभग आठ माह से मजदूर बंगाल के ईंट भट्ठे में फंसे हुए थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब मजदूरों का एक साथी बंगाल से भागकर अपने गांव तानाखार पहुंचा। उसने अन्य मजदूरों के परिवार को घटना की जानकारी दी। इस मामले में एक मजदूर के भाई संतोष गंधर्व ने घटना की सूचना कटघोरा थाने को आठ दिसंबर को दी थी।

पुलिस ने इन मजदूरों को छुड़ाने के लिए श्रम विभाग और जिला प्रशासन से भी मदद मांगी थी, लेकिन एक माह से कार्रवाई नहीं हो रही थी। मामले की जानकारी कलेक्टर किरण कौशल को हुई। उन्होंने चार जनवरी को पश्चिम बंगाल जिला 24 परगना के कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर इन मजदूरों की स्थिति से अवगत कराया। उन्हें छुड़ाने के लिए मदद मांगी। बंगाल पुलिस ने ईंट भ_ा में बंधक बनाए गए सभी 17 मजदूरों को मुक्त करा लिया है।