तलाक के बाद पत्नी ने गुजारे के लिए हर महीने मांगे 1 करोड़ रुपए, रकम सुनकर जज भी रह गए भौचक्के

मुंबई में एक बिजनेसमैन कपल में शादी के कई साल बाद तलाक हो चुका है। पर सारी दुविधा अब इस बात पर आकर अटक गई कि पत्नी को मुआवजे के तौर पर हर महीने कितनी रकम दी जाए। तो तलाक के बाद पत्नी ने मुंह खोलकर हर्जाना मांग लिया जिसे सुन कोर्ट में मौजूद वकील और जज भी सन्न रह गए। जी हां बॉम्बे हाई कोर्ट ने बिजनसमैन जयदेव श्रॉफ की पत्नी पूनम श्रॉफ की याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने और अपनी बेटी के लिए मासिक गुजारा भत्ता को बढ़ाने की मांग की थी। 
पूनम ने कोर्ट में अर्जी देकर अपने लिए 1.3 करोड़ रुपये और अपनी बेटी के लिए 30 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ते की मांग की थी। इससे पहले एक फैमिली कोर्ट ने जयदेव श्रॉफ को पूनम के लिए 7 लाख रुपये और उनकी बेटी के लिए 5 लाख रुपये हर महीने मासिक भत्ते के रूप में देने के लिए कहा था। इस रकम पर जयदेव ने सहमति जताई थी लेकिन पूनम चाहती थीं कि उन्हें पति से हर महीने एक करोड़ का मुआवजा मिले। इसे सुन कोर्ट हैरान रह गई और याचिका को खारिज कर दिया। 

पूनम और जयदेव ने अपने 11 साल की सक्सेजफुल मैरिड लाइफ के बाद तलाक लिया था। पूनम की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस अजेय गडकरी ने कहा कि मामले पर डिटेल्ड ऑर्डर कुछ ही दिनों में जारी किया जाएगा। इससे पहले पूनम श्रॉफ ने कोर्ट के सामने अपने मासिक खर्च की लिस्ट पेश की थी। इसमें उन्होंने लगातार पार्टियों के लिए 30-50 लाख रुपये, व्यक्तिगत शॉपिंग के लिए 15 लाख रुपये और एक प्राइवेट जेट की भी मांग की थी। 

उन्होंने इसके लिए यूपीएल में जयदेव की मोटी इनकम का हवाला दिया था। वहीं जयदेव श्रॉफ के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि श्रॉफ द्वारा पूनम पर किए गए ज्यादातर खर्चे उनकी कंपनी ने वहन किए थे क्योंकि वह कंपनी के ग्लोबल सीईओ थे। ऐसे में मासिक गुजारा भत्ता के लिए उनके व्यक्तिगत खर्चों का हवाला नहीं दिया जा सकता। अब कोर्ट इस मामले में जल्द ही फाइनल डिसिजन दे सकती है।