24 घंटे बाद खुल गया बदरीनाथ हाईवे

गुरुवार सायं नंदप्रयाग के पास चट्टान टूटने से बाधित हाईवे दूसरे दिन देर शाम करीब आठ बजे खुल पाया। हालांकि भूस्खलन स्थल से पैदल आवाजाही होने से राहगीरों को राहत मिली है। हाईवे बाधित होने के चलते दिन में वाहनों को चमोली से वाया पोखरी होते हुए कर्णप्रयाग व रुद्रप्रयाग भेजा गया। नंदप्रयाग में हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य के दौरान भारी भूस्खलन से हाईवे सहित नंदप्रयाग- कोठियालसैंण मोटर मार्ग भी बाधित हो गया था। 
इससे पांच मकान जमींदोज हो गए और तीन वाहन भी दब गए थे। हालांकि वहां कार्य कर रहे मजदूरों ने किसी तरह भागकर जान बचायी। तड़के मोटर मार्ग खोलने का कार्य शुरू हुआ जो दिनभर जारी रहा। हाईवे पर पहाड़ी से चट्टान खिसकने से खतरा बना हुआ है। लोग पैदल आवाजाही कर वाहनों को बदल कर सफर तय कर रहे हैं। वहीं भूस्खलन से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने से नंदप्रयाग जोशीमठ, गोपेश्वर, चमोली सहित दशोली अंधेरे में है। बीते सायं से बिजली न आने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। 

लोगों का कहना है कि पहले से ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं रहती थी। बीते दिन से पूरी तरह से ठप हो चुकी है। ऊर्जा निगम के कर्मचारी क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत में जुटे हुए हैं। हालांकि देर सायं तक बिजली आपूर्ति सुचारू न होने से लोगों को अंधेरे में ही रहना पड़ा है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने कहा कि शुक्रवार शाम करीब आठ बजे मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।