जेल में गूंजी किलकारी, उम्रकैद काट रही महिला बंदी की गोद में आई 'लक्ष्‍मी'

किस्मत के खेल भी निराले है। जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे किसी व्यक्ति की स्याह हो चुकी जिंदगी में उम्मीदों के रंग भरने कोई नवजात आ जाए तो इसे भगवान की लीला ही कहा जाएगा। कुछ ऐसा ही वाकया हजारीबाग केंद्रीय कारा में देखने को मिला। स्थानीय केंद्रीय कारा में आजीवन कारावास की सजा काट रही मानो देवी ने शनिवार  तड़के एक बच्ची को जन्म दिया है। 
कैदी महिला गढ़वा जिला के उरसुगी कुसमा की निवासी है। वह हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही है। गर्भवती रहते हुए उसे गढ़वा कोर्ट ने सजा सुनाई थी। पिछले सात माह से  केंद्रीय कारा में बंद है। चिकित्सकों ने जच्चा व बच्चा दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया है। शनिवार को तड़के करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर जेल प्रशासन ने मानो देवी को पलामू के पीएमसीएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 

नवजात का पिता सकेंद्र उरांव बाहर रहकर ईंट भ_ा में मजदूरी का काम करता है। जेल प्रशासन ने महिला के परिवार वालों को फोन कर महिला के प्रसव की जानकारी दी। महिला के सास-ससुर उससे मिलने पीएमसीएच पहुंचे थे। मानो देवी के जेल जाने के बाद उसका पति कभी भी मिलने नहीं आया है। ससुर दो बार आकर मिल चुके थे।