चंडीगढ़ को मिली तीन प्राइवेट ट्रेनें, तीनो नई दिल्ली और सुल्तानपुर के लिए चलेंगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में पेश किए गए बजट में 150 ट्रेनों को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप के तहत चलाने का ऐलान किया। इन 150 ट्रेनों में तीन ट्रेनें चंडीगढ़ के लिए भी हैं। चंडीगढ़ से सुल्तानपुर के लिए प्राइवेट ट्रेन चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलेगी। साथ ही चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए प्राइवेट ट्रेन चलेगी जो कि सप्ताह में छह दिन चलेगी। चंडीगढ़ दिल्ली के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस को निजी हाथों में सौंपा जा सकता है। तीन साल से तेजस ट्रेन को चलाने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में नई दिल्ली से लखनऊ और मुंबई से अहमदाबाद के बीच तेजस ट्रेन शुरू की गई है।
वहीं, चंडीगढ़ से होलंबी कलां के लिए भी प्राइवेट ट्रेन चलेगी। नई दिल्ली में होलंबी कलां में नया रेल टर्मिनल बनाया जा रहा है। प्राइवेट ट्रेनों में यात्रियों को खास सुविधाएं मिलेंगी और इनका किराया सामान्य ट्रेनों से अधिक होगा। इसके अलावा अंबाला से इलाहाबाद के लिए भी प्राइवेट ट्रेन चलेगी। चंडीगढ़ से इलाहाबाद के लिए ऊंचाहर एक्सप्रेस चलती है जो कि दो महीने रद रहती है।

चंडीगढ़ से सुल्तानपुर जाने वाली निजी ट्रेन में यात्रियों को हमसफर एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। क्योंकि यह लांग रूट की ट्रेन है। ट्रेन की खासियत यह होगी कि हर केबिन में कॉफी/टी/सूप वेंडिंग मशीन और हॉट व रेफ्रिजरेटेड पेंट्री साथ ही कई और सुविधाएं होंगी। इसमें सीसीटीवी, जीपीएस बेस्ट पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम, फायर और स्मोक डिटेक्शन और सुपरविजन सिस्टम भी होगा। इसके अलावा ट्रेन में बच्चों की नैपकिन बदलने की भी सुविधा होगी। वहीं दिव्यांगों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि में बर्थ और कोच नंबर लिखा होगा।

सुल्तानपुर के लिए प्राइवेट ट्रेन शुरू होने से ट्राईसिटी में रहने वाले उत्तर-प्रदेश के लोगों को सुविधा होगी। लंबे समय से लोग सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ सहित अन्य शहरों के लिए सीधी ट्रेन शुरू करने की मांग कर रहे थे। इस ट्रेन का रूट फिलहाल तय नहीं है। लेकिन, उम्मीद की जा रही है कि यह ट्रेन लखनऊ होते हुए जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों को लखनऊ के लिए भी एक ट्रेन और मिल जाएगी। वहीं, चंडीगढ़ से नई दिल्ली और चंडीगढ़ से होलंबी कलां के लिए चलाई जाने वाली निजी ट्रेन में तेजस एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं रेल यात्रियों को मुहैया करवाई जाएंगी। इसका का मकसद हवाई यात्रियों को रेल सफर के लिए आकर्षित करना है। इन ट्रेनों का किराया हवाई किराए से 50 फीसदी कम होगा। हालांकि डायनमिक फेयर पॉलिसी के तहत त्योहारी सीजन में हवाई किराए आसमान छूने लगते हैं। उस समय कुछ कहा नहीं जा सकता।