मां बोली आग लगा लूंगी, बेटी ने निकाल लिया चाकू... और फिर जो हुआ...अफसरों के होश उड़े

पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाने को लेकर घासीकटरा में शुक्रवार दोपहर तीन घंटे से अधिक समय तक जमकर हंगामा हुआ। पाइपलाइन का विरोध कर रही एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगाने की धमकी देनी शुरू कर दी तो उसकी बेटी ने चाकू निकालकर खुद के साथ ही तहसील प्रशासन और पुलिस की टीम पर वार करने की धमकी दे डाली। स्थिति बिगड़ती देख एक बार टीम मौके से भाग खड़ी हुई। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस वालों के साथ पहुंचे सदर तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित ने काफी मशक्कत के बाद मां-बेटी को शांत कराया। जैसे ही दोनों बंद कमरे से बाहर आईं पुलिस ने उन्हें काबू में कर लिया और थाने ले गई। इसके बाद आनन-फानन में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ। देर शाम तक लाइन बिछने के बाद सभी को कनेक्शन दिए गए।
जानकारी के मुताबिक घासीकटरा में पीने के पानी का पाइपलाइन बिछाने जा रही जलकल की टीम को तीन साल से मोहल्ले की ही महिला रजिया और उसके  परिवार वालों के विरोध की वजह से लौटना पड़ रहा था। बृहस्पतिवार को मोहल्ले के ही 50 से अधिक लोग इसकी शिकायत लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल के पास पहुंचे थे। उनका कहना था कि पाइपलाइन नहीं बिछ पाने से उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जब जल निगम के अफसरों से बात की तो उन्होंने भी विरोध की बात स्वीकारी। 
इसपर उन्होंने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जल निगम और पुलिस की टीम को वहां पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कराने को भेजा। टीम जैसे ही मौके पर पहुंची रजिया और उसकी बेटी समन ने विरोध शुरू कर दिया और टीम से भिड़ गईं। टीम के सदस्यों ने सख्ती शुरू की तो दोनों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। मां ने केरोसिन की बोतल उठा ली तो बेटी ने बड़ा सा चाकू  निकाल लिया। सूचना पाकर मौके पर फोर्स और बढ़ाई गई। सदर तहसीलदार भी पहुंचे। काफी देर तक तहसीलदार और पुलिस ने दोनों को बातों में उलझाए रखा। जैसे ही वे कमरे से बाहर निकलीं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर तिवारीपुर थाने भेज दिया।
तीन घंटे से अधिक समय तक हंगामा काटने वाली रजिया, उसके पति मेराज और बेटी समन पर सरकारी कर्मचारी पर हमला, धमकी और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। यह पहला मौका नहीं है जब मां-बेटी, सरकारी कर्मचारियों और अफसरों से भिड़ गई हों। तीन साल के बीच में कई बार जल निगम के इंजीनियर और कर्मचारी, पाइपलाइन बिछाने पहुंचे मगर हर बार उन्हें विरोध झेलना पड़ा था। कई बार तो पुलिस भी पहुंची थी मगर उन्हें भी पीछे हटना पड़ा। एसओ तिवारीपुर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।.