बिना किसी जांच पड़ताल के ही फ्लैट में रहता था किरायेदार और फिर जो हुआ...

राजधानी पटना में सोमवार की सुबब हुए जोरदार धमाके  की घटना में एक बार फिर से पुलिस सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है. सोमवार की सुबह गांधी मैदान थाना इलाके के दलदली रोड इलाके में जिस मकान में जोरदार धमाका हुआ है उसके किराएदार की पहचान नहीं हो पाई है. मौके पर मौजूद मकान मालकिन ने बताया कि पिछले दो-तीन महीने से उस कमरे में किराएदार रह रहे थे और वो ऑटो चलाते थे.
विस्फोट की इस घटना के दौरान जब मीडिया के लोगों ने किरायेदार के बारे में विस्तृत जानकारी ली तो मकान मालिक कुछ भी साफ तौर पर बताने में नाकाम दिखे, ऐसे में सवाल ये उठने लगा है कि क्या बिना भौतिक सत्यापन और चरित्र प्रमाण पत्र के ही पटना के मकानों में किरायेदारों को कमरे या फ्लैट उपलब्ध करा दिए जाते हैं. दलदली रोड इलाके में हुई इस घटना के बाद जहां इलाके के दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए वहीं कई मकानों की खिड़कियां भी टूट गई हैं. स्थानीय लोगों ने बताया की 5 लोगों को इस घटना में चोटें आई हैं जिसमें से एक महिला की हालत गंभीर है. लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से निकालकर अस्पताल में भेजा गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. 

मौके पर मौजूद एक शख्स ने अपुष्ट रूप से बताया कि जिस कमरे में ब्लास्ट हुआ है उसमें एक ऑटो ड्राइवर पिछले दो-तीन महीने से रह रहा था. घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर सिटी एसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुंची है लेकिन दो घंटे बाद भी एफएसएल की टीम नहीं पहुंची है. सिटी एसपी ने इसे गैस सिलेंडर में ब्लास्ट होने की बात कही है साथ ही एफएसल की जांच में पूरी तस्वीर साफ होने की बात कही.