छोटे भाई की पत्नी को पाने के लिए बड़े भाई ने किया ऐसा गलत काम, हत्या कर कुत्तों के हवाले किया शव

छोटे भाई की पत्नी को पाने की चाहत में बड़े भाई ने रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली हरकत की है। बड़े भाई ने छोटे भाई की पूरी प्लानिंग के साथ हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी सच्चाई सामने आ ही गई। रनधीरगढ़ में हुई हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। थाना हठूर प्रभारी इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि चरनजीत सिंह पुत्र जगसीर सिंह निवासी गांव रनधीरगढ़, जोकि गांव में प्रदीप सिंह किसान के पास काम करता था। चरणजीत सिंह को उसके बड़े भाई यादविंदर सिंह उर्फ तरसेम सिंह ने इसलिए मार डाला, क्योंकि उसकी शादी नहीं हुई थी। अगर वह अपने छोटे भाई को मार देगा, तो उसकी पत्नी का परिवार उसके साथ शादी कर देगा। चरनजीत सिंह के दो बड़े भाई यादविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह थे, जिनकी शादी नहीं हुई थी।
गुरप्रीत सिंह हैदराबाद में काम करता है। यादविंदर सिंह को गांव रनधीरगढ़ के अड्डे से गिरफ्तार किया गया। यादविंदर सिंह ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। थाना प्रभारी अनुसार यादविंदर सिंह को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। यादविंदर सिंह ने अपने छोटे भाई चरनजीत सिंह का मर्डर पूरी योजना बनाकर किया। वह अपने छोटे भाई को 29 जनवरी को शाम के समय अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठाकर खेत ले गया था। रास्ते में उन्होंने अड्डे से शराब की बोतल व अन्य सामान खरीद लिया। खेत में जाकर दोनों ने शराब पी। योजना के अनुसार यादविंदर ने खुद शराब कम पी और चरनजीत सिंह को अधिक शराब पिलाकर उसे बेहोशी की हालत में कर लिया। इसके बाद उसे वहां से दूसरे खेत में ले गया, जिसके नजदीक हड्डा रोड़ी था और वहां पर खूंखार कुत्ते रहते हैं।

यादविंदर सिंह ने अपने छोटे भाई चरनजीत सिंह का कत्ल करके उसकी पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर भी ईंटों से कई वार किए। इसके बाद चरनजीत सिंह के शव को कुत्तों के हवाले करके घर आ गया। क्योंकि उसकी सोच थी कि रात भर में कुत्ते चरनजीत सिंह के शव को खा जाएंगे और कत्ल का पता ही नहीं चलेगा। इससे पहले कि कुत्ते पूरी तरह से शव को मिटा देते, गांव में चरनजीत सिंह के शव का खेतों में पड़े होने का पता चल गया। हठूर थाना के प्रभारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि चरनजीत सिंह के शव की पहचान मिटाने के इरादे से यादविंदर सिंह ने उसके मुंह पर ईंटों से वार किए थे। उसके अलावा कुत्तों ने उसके दोनों बाजू कोहनी तक खा लिए थे। अगर एक दिन और उसके शव का पता नहीं चलता तो कुत्तों ने पूरी तरह से ही शव को मिटा देना था।