चालकों की अधूरी नींद से होते हैं बस हादसे, चालकों के स्टेयरिंग पर दौड़ रही है बस यात्रियों की जिंदगी...

रोडवेज बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे चालकों की लापरवाही होती है। लेकिन, ज्यादातर दुर्घटनाएं चालकों की नींद पूरी नहीं होने के चलते होती है। ऐसे में जरूरी है कि चालकों के विश्राम पर ध्यान दिया जाए। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को चालकों और परिचालकों के विश्राम की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है। 
उन्होंने दो दिन के अंदर क्षेत्रीय प्रबंधक से विश्राम कक्ष है या नहीं, इसकी रिपोर्ट मांगी है। यदि विश्राम कक्ष नहीं है तो जमीन चिह्नित कर बताएं जिससे उसे बनाने पर तत्काल विचार किया जा सके। निगम के प्रबंध निदेशक डा. राजशेखर ने पत्र में लिखा है कि बसों में सवार यात्रियों की जिंदगी चालकों के स्टेयरिंग पर निर्भर होती है। बस चालक की थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। कुछ बस हादसे चालकों की नींद पूरी नहीं होने पर होते हैं। 

हम चालकों की नींद पूरी करके हादसे पर रोक लगा सकते हैं। दूसरे जिले और लंबी दूरी तय करके आने-जाने वाले चालकों के विश्राम की व्यवस्था नहीं होने के चलते वे इधर-उधर टहलते हैं और समय पूरा होने पर फिर बस लेकर चल देते हैं। नींद पूरी नहीं होने के बावजूद चालक मजबूरीवश बसों को चलाते हैं। क्योंकि वे उनकी ड्यूटी होती है। कभी-कभार दूसरा चालक नहीं आता है तो भी ऐसी समस्या होती है।