मुजफ्फरनगर के खेत में मिली ब्रिटिश काल की तोप, ब्रिटिश सरकार का चिन्ह भी है अंकित

मुजफ्फरनगर के खेत से निकली तोप की सफाई का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के माल रोड कार्यालय पर चल रहा है। एएसआई विशेषज्ञों के मुताबिक यह तोप ब्रिटिशकालीन है, जो 1857 की लड़ाई में उपयोग की गई है। इस तोप की नाल और दांयी ओर का हुड टूटा हुआ है। तोप के ऊपर ब्रिटिश सरकार का चिन्ह भी अंकित है, जो सफाई के दौरान सामने आया।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि 2.8 मीटर लंबाई वाली तोप ब्रिटिशकालीन है। इसका निशान भी तोप पर अंकित है। पांच इंच व्यास का गोला इस तोप से चलता था। यह तोप बेहद उच्च गुणवत्ता की धातुओं से बनी है। इसकी केमिकल क्लीनिंग की जा रही है। पीछे की ओर आग लगाने के हिस्से में मिट्टी और जंग लगी है, आगे का हिस्सा साफ किया जा चुका है। इसे संरक्षित किया जाएगा। बीते पखवाड़े एएसआई के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. विनय कुमार गुप्ता इस तोप को मुजफ्फरनगर प्रशासन से आगरा लेकर आए थे। 

मुजफ्फरनगर के गांव हरिनगर में किसान विनोद कश्यप के खेत में से निकली तोप का वजन 50 टन है, जिसे आगरा सफाई और संरक्षण के लिए लाया गया। इसी गांव से 40 साल पहले दो तोपें निकल चुकी थी, जो मुजफ्फरनगर के डीएम और एसएसपी के आवास पर रखीं हैं। 1857 की आजादी की लड़ाई में पुरकाजी के लोगों ने अंग्रेजी सेना से डटकर सामना किया था। क्रांतिकारियों से हारकर भागे अंग्रेज तब गोला बारूद और तोपें छोड़कर भाग गए थे। उसके बाद तोपें खेतों में दब गईं।