जन्मदिन पर पुलिसकर्मी को मिला ऐसा गिफ्ट, SP ने हवलदार से डिमोशन कर सिपाही बना दिया...

जहां एक ओर जन्म दिन होने पर सोशल मीडिया पर बधाई मिल रही थीं, वहीं दूसरी ओर जुआ खिलाने के आरोप में दोषी पाए गए और पुलिस अधीक्षक ने उनका कद घटाया यानि प्रधान आरक्षक से कद घटाकर आरक्षक बना दिया। यह एकाध साल के लिए नहीं पूरे पांच साल आरक्षक बने रहने की कार्रवाई की है। यह कहानी गुना जिले के धरनावदा पुलिस थानान्तर्गत झागर पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक देवेन्द्र शर्मा की है, जिनका बीते रोज ही जन्म दिन था और फेसबुक पर लगातार बधाईयां मिल रही थी, वहीं पुलिस अधीक्षक द्वारा कद घटाकर प्रधान आरक्षक से आरक्षक बनाए जाने की जैसे ही खबर उनको मिली, वैसे ही जन्म दिन की खुशी मायूसी में बदल गई।
झागर पुलिस चौकी अन्तर्गत परवाह गांव में बड़े स्तर पर जुआ का संचालन हो रहा था। इसके साथ ही शादी सम्मेलन में भी खुले आम जुआ संचालन होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, यह वीडियो पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा के पास पहुंच गया था। यहां जुआ चलाने आदि के लिए प्रधान आरक्षक देवेन्द्र शर्मा का नाम आरोपी के रूप में बताया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने जुआ खेलने का सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को लेकर एक पुलिस अधिकारी से जांच कराई, जिसमें जांच अधिकारी ने माना कि प्रधान आरक्षक देवेन्द्र शर्मा को वहां जुआ होने की जानकारी थी, उन्होंने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पुलिस की छबि धूमिल हुई है। 

पुलिस अधीक्षक ने जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद उक्त प्रधान आरक्षक को प्रधान आरक्षक से आरक्षक बनाए जाने के आदेश बीते रोज जारी किए। उन्होंने यह डिमोशन पांच साल के लिए किया है। पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा स्वयं अनुशासित अधिकारी हैं तो वे पुलिस अधिकारी व कर्मियों को भी अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं।अनुशासन हीनता के मामलों पर बीते तीन माह में हुई कार्रवाई पर नजर डाली जाए तो प्रधान आरक्षक हरीश राजपूत जिन पर पारदी महिलाओं के साथ मारपीट करने समेत कई आरोप थे, जिस मामले में सीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पन्द्रह दिन पूर्व ही हरीश राजपूत को बर्खास्त कर दिया है। इससे पूर्व एक धोखाधड़ी के मामले में आरक्षक देवेन्द्र धाकड़ को अपने ही विभाग के कर्मचारियों से पैसे लेने और एक वाहन शोरूम से फर्जी चेक के आधार पर कुछ दो पहिया वाहन भी उठा लिए जाने की शिकायत में दोषी पाया था, जिसकी सेवा समाप्त कर दी थी।