एक साथ उठीं 3 अर्थियां तो रो पड़ा शहर, मासूम का शव लेकर कई राज्यों में घूमा हत्यारा

शामली - शहर की पंजाबी कालोनी में रहने वाले भजन गायक अजय पाठ, उनकी पत्नी और बेटी की अर्थी एक साथ उठी तो पूरा शहर रो पड़ा। परिजनों और महिलाओं का करुण रुदन से यहां का माहौल गमगीन हो गया। लोग अर्थी को कंधा देने के लिए उमड़ पड़े। एक साथ श्मशान घाट में तीन चिताएं जलती देख लोग अपने आंसुओं को भी नहीं रोक पाए।
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र में पंजाबी कालोनी में। मंगलवार शाम यहां भजन गायक अजय पाठक, पत्नी स्नेह और बेटी वसुंधरा का शव खून से लथपथ उनके मकान में मिले थे। तीनों की धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी। लेकिन बेटा भागवत और कार गायब मिली थी और मंगलवार देर रात में हरियाणा में पानीपत के निकट अजय की कार जली अवस्था में मिली थी। उस कार में उसके बेटे भागवत का शव भी जली हुई हालत में बरामद हुआ था। बुधवार को सुबह से ही चारों शव आने के इंतजार में लोग उनके आवास पर पहुंचने शुरू हो गए थे। 
देखते ही देखते दोपहर तक लोगों की भारी भीड़ कालोनी में पहुंच चुकी थी। दोपहर को जब पोस्टमार्टम के बाद अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी का शव एंबुलेंस से घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। इसके बाद एक अर्थी पर अजय पाठक और उनकी पत्नी का शव और दूसरी अर्थी पर बेटी वसुंधरा की शव यात्रा शुरू हुई तो समाज के हर वर्ग के लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग यहां उनकी अर्थी को कंधा देने में आगे आते रहे। रेलवे लाइन के निकट टंकी रोड स्थित श्मशान घाट में शव यात्रा पहुंची। एक चिता पर पति-पत्नी और दूसरी पर बेटी की चिता एक साथ जली तो लोग अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए। गमगीन माहौल में मृतक अजय के भतीजे रवि पाठक ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के समय ये रहे मौजूद
अंतिम संस्कार के समय यहां सांसद प्रदीप चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेता इमरान मसूद, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, योगेंद्र सिंह, दीपक सैनी, अनुराग शर्मा, रवि संगल, नरेंद्र अग्रवाल, सलिल द्विवेदी, सुरेंद्र आर्य, महेश धीमान, अशोक गर्ग, राजन बत्रा, रमन बत्रा, पवन तरार, हरवीर मलिक, सुनील जाटव, पूर्व आईजी विजय गर्ग, मंजीत सिंह, पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, अजय संगल अंकित गोयल, घनश्यामदास गर्ग, सतेंद्र धीरयान, निशिकांत संगल, अनिल उपाध्याय, पंकज गुप्ता, पुनीत द्विवेदी, डा. विपिन कौशिक, सुनील अरोरा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के समय महिलाएं भी यहां बड़ी संख्या में पहुंची। एक साथ एक परिवार के तीन सदस्यों की चिताएं जलती देख महिलाओं रोती रही। यहां शमशान घाट में छत पर भी लोगों की भीड़ रही तो शमशान घाट के बाहर रेलवे लाइन के किनारे भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बुधवार को परिजनों और कालोनीवासी एक साथ परिवार के चारों सदस्यों का एक साथ ही अंतिम संस्कार करना चाहते थे। उम्मीद तो यह थी कि दोपहर तक पानीपत से भी अजय के बेटे भागवत का शव भी शामली पहुंच जाएगा। पुलिस भी परिजनों को यही जानकारी दे रहे थे, लेकिन दोपहर में जब पता चला कि भागवत के शव को पोस्टमार्टम व डीएनए आदि के लिए रोहतक भेजा गया है। इसके बाद शव देर रात में पहुंचेगा और इसके बाद अजय, उनकी पत्नी और बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया।
पाठक परिवार की हत्या करने के बाद आरोपी द्वारा बालक का शव कार में डालकर तीन राज्यों में घूमने के बावजूद कहीं पर भी पकड़े नहीं जाने पर पुलिस की सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। तो आखिर कहां रही पुलिस की चेकिंग? किसी भी चौकी अथवा थाने की पुलिस चेकिंग में आरोपी को पकड़ क्यों नहीं सकी।

पंजाबी कालोनी में पाठक परिवार के चार सदस्यों की हत्या करके आरोपी ने भागवत का शव कार की डिग्गी में डाल लिया था और उसे लेकर वह यूपी, हरियाणा और दिल्ली के हाईवे तक घूमता रहा। कई थाने और चौकियां रास्ते में है लेकिन कहीं भी पकड़ा नहीं गया और फिर शामली से मेरठ की तरफ, वहां से मुड़कर दिल्ली और फिर पानीपत तक रास्ते में यूपी, दिल्ली और हरियाणा राज्य हैं। तीनों राज्यों में कई हाईवे भी आरोपी ने पार किए। कई टोल बैरियर भी पड़े हैं लेकिन रास्ते में उसकी कार को किसी ने रोका नहीं और तो और कहीं भी उसकी चेकिंग नहीं हुई। 
मीडिया कर्मियों ने भी जब हिमांशु से पूछा तो उसने बताया कि रास्ते में कई थाने, चौकी और टोल मिले लेकिन उसकी कहीं चेकिंग नहीं हुई। अब ऐसे में पुलिस की सतर्कता और चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। घटनास्थल से कार लेकर निकला और धीमानपुरा बाईपास की तरफ से गया था। वहां पर भी पुलिस तैनात रहती है। पुलिस आए दिन यहां वाहनों की चेकिंग और सतर्कता का दम भरती है लेकिन ये सिर्फ कागजी ही नजर आते हैं। इस घटना के बाद पुलिस को इस संबंध में विचार करना होगा।