जनता कर्फ्यू में टली शादी, लॉक डाउन में फंसे दूल्हा-दुल्हन, दुल्हन की विदाई के लिए बेताब दूल्हा

शादी हर लड़का और लड़की के जीवन में एक ऐसा पल होता है, जिसे यादगार बनाने के लिए वे अपनी जी जान लगा देते हैं। रामगढ़ में राकेश और मोनिका की शादी को "जनता कर्फ्यू" और "लॉकडाउन" ने ऐसा यादगार बनाया की ससुराल वाले भी पूरी जिंदगी भूल नहीं पाएंगे। इन दोनों की शादी 22 मार्च को होने वाली थी। लेकिन जनता कर्फ्यू की वजह से बारात बंगाल में ही अटक गई। 23 तारीख को किसी तरीके से 75 बारातियों समेत राकेश दीप रामगढ़ थाना क्षेत्र के अरगड्डा कॉलोनी में पहुंचा।
यहां धूमधाम से उसकी शादी मोनिका जगदल्ला के साथ हुई। लेकिन 24 मार्च को क्लॉक डाउन हो जाने के बाद दूल्हा अपने 75 बारातियों के साथ यही अटक गया। पिछले 9 दिनों से मोनिका अपने विदाई का इंतजार कर रही है। लेकिन लॉक डाउन में फिलहाल यह संभव नहीं है। अब मोनिका का पूरा परिवार दूल्हा राकेश और उनके 75 बारातियों के स्वागत में पिछले 9 दिनों से खड़ा है। इन लोगों ने टेंट लगवा कर पूरी बारात को खाना खिलाने का इंतजाम किया है।

इन लोगों के रहने के लिए सामुदायिक भवन में गद्दे लगवाए गए हैं। राकेश ने बताया कि वह आसनसोल जिले के नीचू पोड़ा का रहने वाला है। उसके पिता दासु दीप 4 रिश्तेदारों के साथ शादी की रात ही वापस लौट गए थे। लेकिन पूरी बारात यही फंस गई है।जिसमें महिलाएं, बच्चे व पुरूष शामिल है। शादी समारोह में शामिल मोनिका जगदल्ला की रिश्तेदार ओड़िशा के संबलपुर, राउरकेला व टोटलागढ़ तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए हुए थे। दुल्हन के करीब 75 रिश्तेदार- को चिंता सताने लगी है, कि वे लोग कबतक अपने घर वापस लौटेंगे और कितना दिनों तक उन्हें रामगढ़ में टेंट में ही रहना पड़ेगा।

दुल्हन ले जाने के लिए बेताब है दूल्हा

23 मार्च को शादी होने के बाद राकेश अपनी दुल्हन मोनिका की विदाई कराने के लिए बेताब है। उसने कई तिकड़म भी लगाए। कई जगह फोन भी घुमाया। किसी तरीके से पुलिस को मनाने की कोशिश भी की। लेकिन कोई भी जुगाड़ काम नहीं आया। लॉक डाउन के कारण दुल्हन की विदाई संभव नहीं हो पा रही है । दूल्हा, दुल्हन के घर ही रह रहा है। दुल्हन के भाई जगदेव जगदल्ला व परिवार वाले दोनों के बीच में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा रहे हैं। फिलहाल कोरोना को हराने के लिए सामाजिक दूरी बनाकर घर पर ही रहने का अनुपालन करते हुए दुल्हन के भाई व परिवार के अन्य लोग अतिथि सत्कार में रिश्तेदारों की सेवा में लगे हुए हैं।