इतनी बड़ी वारदात कभी सपने में नहीं सोची होगी, यकीन मानो प्रेम विवाह से विश्वास उठ जाएगा।

मोनू और निशा के प्रेम विवाह का तीन साल में दुखद अंत हो गया। परिवार को दरकिनार करके दोनों ने शादी की थी। लेकिन मोनू की गलत संगत और शराब की लत ने उसके परिवार को बर्बाद कर दिया। परिवार में चल रहा तनाव मोनू के अंदर जहर घोल रहा था। जिसके करना मोनू ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। निशा के परिजनों का आरोप है कि मोनू और उसके परिवार वालों ने सुनियोजित साजिश करके माँ और बेटे की हत्या की है।
मेरठ में खरखौदा क्षेत्र के जाहिदपुर गांव में मोनू के घर पर एक रिश्तेदार की शादी के कार्यक्रम को लेकर तैयारियाँ चल रही थीं। मंगलवार सुबह वारदात के दौरान परिवार घर में ही मौजूद था। पुलिस के मुताबिक परिवार के लोगों ने बताया कि उनके घर के सामने ही निशा अपने मामा के घर पर रहती थी। वहीं पर मोनू की मुलाकात निशा से हुई थी। दोनों में प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने शादी कर ली। इस बात पर निशा के परिजनों ने आपत्ति जताई थी।
इसके बावजूद भी वे नहीं माने और दोनों एक साथ रहने की जिद पर अड़े। दोनों परिवार के लोगों में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। मोनू को शराब पीने की काफी लत थी। कई बार निशा ने अपने पति मोनू को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह कभी नहीं माना। अब मोनू गलत संगत में पड़ गया था। उसको लोग ताने देने लगे थे कि प्रेम विवाह में उसने बहुत कुछ नुकसान पाया है। दोनों की शादी को डेढ़ साल हो गए और तभी से दंपती के बीच झगड़े होने लगे।

बेटी को साजिश करके मारा 
गांव कलंजरी निवासी तिलकराम के अनुसार बेटी निशा की दामाद और उसके ससुराल वालों ने साजिश करके उनकी हत्या की है। प्रेम विवाह करने के बाद उसके पूरे परिवार ने निशा से पूरी तरह से रिश्ता ही तोड़ लिया था। इसका फायदा पति सहित ससुराल पक्ष ने उठाया। जहाँ पति सहित सास, ससुर व जेठ निशा से छुटकारा पाने के लिए उसे रोजाना प्रताड़ित करने लगे थे। रोजाना उनकी बेटी से मारपीट करते रहे।
वहीं मंगलवार को बेटी की हत्या से पहले मोनू सहित पूरे परिवार ने एक कमरे में बैठकर सलाह की थी और बाद में उनकी बेटी की हत्या कर दी। पीड़ित तिलकराम ने पति मोनू, ससुर श्यौराज सिंह, सास जयवीरी व जेठ पप्पू को नामजद करते हुए हत्या का केश दर्ज कराया है।

शराब पीने का विरोध करने पर की हत्या
पुलिस के अनुसार निशा मोनू के शराब पीने पर आपत्ति करती थी। घटना वाले दिन भी शराब पीने को लेकर दोनों में काफी विवाद हुआ। जिसमें शराबी पति ने पहले पत्नी का चाकू से गला काटा और बाद में चाकू टूट जाने पर पास में ही पड़ी कुदाल से निशा पर काफी सारे प्रहार किए। मोनू अपनी पत्नी पर तब तक प्रहार करता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। मोनू अपने 9 माह के बच्चे को भी मौत के घाट उतार चुका था।

पुलिस ने आरोपियों को फरार होने का दिया था पूरा मौका
निशा के परिजनों का आरोप यह भी है कि माँ और बेटे की हत्या की सूचना पर पहुंची खरखौदा पुलिस ने हमें सूचना दिए बिना आरोपी पक्ष से ही शव का पंचनामा भरवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए थे। बाद में जब हमने ससुराल वालों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया तो सभी आरोपी ससुराल वाले मकान पर ताला लगाकर फरार हो गए। उन पर आरोप है कि पुलिस ने केवल हत्या आरोपी पति को ही गिरफ्तार किया जबकि बाकी आरोपियों को फरार होने का मौका दिया है।