खुशखबरी: अलग-अलग जगह फंसे मुसाफिरों के लिए राज्य सरकारें आई आगे, जल्द पहुचायां उनको घर

देश में हुए 21 दिन के लॉकडाउन से ना सिर्फ खाने-पीने की परेशानी बढ़ी है बल्कि इस समय उन लोगो की हालत बेहद ख़राब है जो नौकरी करने के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं. लॉकडाउन होने के बाद ना सिर्फ लोगो के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी गयी है बल्कि देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. ऐसे में जो लोग दूसरे राज्यों में नौकरी करते है वो अब अपने घर नहीं पहुँच पा रहे है. कुछ राज्य से तो मजदूर पैदल ही अपने घर निकल रहे है लेकिन पर्याप्त भोजन ना होने की वजह से उनका सफ़र अधुरा ही रह गया है और ऐसे में मजदूरों ही तबियत ख़राब होने का भी खतरा मंडरा रहा है|
मजदूरों की ये हालत देखते हुए कुछ राज्य सरकारें इनकी मदद के लिए आगे आई है और केंद्र सरकार से कुछ बसे चलाने की आज्ञा के लिए पत्र भी लिखा है. केंद्र से आज्ञा मिलते ही विभिन्न जगहों पर फसें लोगो को उनके घर पहुचाने के लिए राज्य सरकारें इंतजाम करेगी|

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने विभिन जगहों पर फसें बिहार के लोगो को अपने राज्य वापस लाने के लिए 100 करोड़ चीफ मिनिस्टर रिलीफ फण्ड से निकाले है और मुख्यमंत्री नितीश ने ये भी कहाँ है की बिहार में फसें दूसरे राज्यों के लोगो को भी जल्द ही सकुशल उनके घर पंहुचा दिया जायेगा|
गुरुवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ये ऐलान किया है की जो लोग लॉकडाउन होने की वजह से अपने घर नहीं लौट पाए है उनको जल्द ही अपने घर पहुचाने का सरकार पूरा बंदोबस्त करेगी. हलाकि इसमें 1-2 दिन का समय लग सकता है क्योकि राज्यों को इसके लिए केंद्र से आज्ञा लेनी होगी. योगी सरकार ने यूपी की बॉर्डर पर आये मुसाफिरों और दूसरो राज्यों की ओर जा रहे मजदूरों व कर्मकारों के लिए मानवीय आधार पर विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए है|

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जो लोग लॉकडाउन होने की वजह से अपने घर नहीं पहुँच पाए थे. अब सरकार उनको सकुशल उनके घर पहुचायेगी. मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और ऋषिकेश में 2100 से ज्यादा पर्यटक होने की बात कही है जिसमे 400 से ज्यादा लोग तो गुजरात के ही बताए जा रहे है.
बतादे, 24 मार्च को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल तक देश को लॉकडाउन करने का ऐलान किया था. ये लॉकडाउन देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए किया गया है. अगर कोरोना वायरस की चैन को तोडना है तो इन 21 दिनों तक पुरे देश को अपने घरो में ही रहना होगा और कोई ऐसी लापरवाही नहीं करनी है जिससे देश और स्वयं वह खुद व्यक्ति मुसीबत में पड़ जाए|