इस ब्लड ग्रुप वाले लोगो पर सबसे ज्यादा मंडरा रहा है कोरोनावायरस का खतरा,रिसर्च मे हुआ...

इन दिनों कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. चीन से शुरू हुआ ये काफिला धीरे-धीरे पूरी दुनिया में अपने पैर पसार चुका है. चीन के अलावा कई देशों में इस वायरस का कहर देखने को मिला है. भारत में भी इसके कई मामले देखने को मिले हैं. भारत में अब तक इसके 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 5 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके बावजूद लोग कोविड 19 से डरने की बजाय इससे बेख़ौफ़ होकर लड़ रहे हैं. इसी बीच लोग इस बात पर भी चर्चा कर रहे हैं कि कैसे इस वायरस से खुद को बचाया जा सके. 
हाल ही में कोरोना वायरस को लेकर चीन में एक शोध हुआ, जिसमें बताया गया कि किस ब्लड ग्रुप के लोगों को कोरोना वायरस होने की संभावना सबसे अधिक है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा A ब्लड ग्रुप वाले लोगों को है. कोरोना वायरस के गढ़ वुहान और शेंजान में 200 से ज्यादा मरीजों पर यह रिसर्च किया गया, जिसके बाद इस बात की पुष्टि हुई. इस रिसर्च में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के ब्लड ग्रुप का अध्ययन किया गया.

A- ब्लड ग्रुप वालों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत
चीनी शोधकर्ताओं की मानें तो वुहान में भर्ती कोरोना वायरस ब्लड ग्रुप-A के मरीजों की स्थिति बाकियों से ज्यादा गंभीर थी. वहीं, जिनका ब्लड ग्रुप O था, उनमें काफी माइल्ड लक्षण देखने को मिले. वुहान युनिवर्सिटी के शोधकर्ता वैंग शिंघुआन के मुताबिक, जिनका ब्लड ग्रुप A है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

अधिक निश्चिंत न रहें O ब्लड ग्रुप वाले लोग
शोधकर्ताओं के मुताबिक, चीन में कोरोना वायरस से होने वाले 206 मौतों में से 85 मरीजों का ब्लड ग्रुप A था. वहीं, इस लिस्ट में 52 ऐसे मरीज शामिल थे, जिनका ब्लड ग्रुप O था. शोधकर्ता गाओ यिंगडई ने कहा कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है और यह जरूरी नहीं कि उन्हें 100 प्रतिशत संक्रमण होगा ही. साथ ही O ग्रुप वाले ज्यादा निश्चिंत न हों कि वह कोरोना वायरस के शिकार नहीं हो सकते. इससे बचने के लिए बताई गयी गाइडलाइंस का इस्तेमाल करें. बार-बार हाथ धोएं.

वुहान में सबसे ज्यादा है O ब्लड ग्रुप वालों की संख्या
रिसर्च रिपोर्ट में पाया गया है कि वुहान में O ब्लड ग्रुप वाले मरीज सबसे अधिक हैं. यहां A ब्लड ग्रुप वालों की संख्या 31 फीसदी, B ब्लड ग्रुप वालों की संख्या 24 फीसदी, AB ब्लड ग्रुप वालों की संख्या 9 फीसदी और O ब्लड ग्रुप वालों की संख्या 34 फीसदी है.