मौत से ठीक पहले आया घर और बच्चों को बाहर से ही देखा, पूरी कहानी जानकर दिल दहल जाएगा

दोस्तों, जैसा कि आपको मालूम है कि चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोनावायरस अब तक लाखों लोगों की जान ले चुका है तो वहीं पूरे दुनिया में हड़कंप मचा कर रखा है. आपको बता दें कि इटली में तो ऐसा हाल हो गया है कि लोगों को दफनाने के लिए जगह नहीं मिल रही है और शवों की जिम्मेदारी सेना को सौंप दी गई है. एक वायरस की वजह से इंसानियत का असली रूप सामने आ गया है क्योंकि इंसान ही इंसान से दूर भाग रहा है.
पूरी दुनिया में कोरोना के खिलाफ मुहिम एकजुटता दिखाई दे रही है और इन सब में मेडिकल स्टाफ एवं सफाई कर्मियों का योगदान अतुलनीय है जो अपने सिर पर कफन बांधकर भी लोगों की सेवा करने में लगे हुए हैं. वह अपनी परिवार की चिंता किए बगैर अन्य लोगों की सहायता में जुटे हुए हैं जो तारीफ के काबिल है.

आज हम आपको एक ऐसे इंडोनेशिया के डॉक्टर की सत्य घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपका भी दिल दहल जाएगा. आपको बता दें कि इंडोनेशिया के डॉक्टर हैदियो अली की तस्वीर फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है. दरअसल डॉक्टर अली कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज करते करते-करते खुद ही इस वायरस के शिकार हो गए थे और उन्हें अंदाजा हो गया था कि वह अब ज्यादा दिन का मेहमान नहीं है.
डॉक्टर अली अपनी बीवी एवं बच्चों से मिलने की बहुत ख्वाहिश रखते थे. लेकिन वह संक्रमण के कारण सीधा जाकर उनसे नहीं मिल सकते थे और ना ही उन्हें अपने बारे में बताकर चिंता में डालना चाहते थे. इसी उधेड़बुन के बीच हुआ गाड़ी से अपने घर के बाहर पहुंचे और अपने बच्चों एवं प्रेग्नेंट पत्नी को कुछ देर बाहर से ही देखकर रवाना हो गए. इस घटना के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए. लेकिन जाते-जाते उन्होंने बहुत से कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज भी किया.