मरने से ठीक पहले निर्भया ने बताई थी अपनी अंतिम इच्छा, सुनकर आ जाएंगे आंखों से आंसू

कल निर्भया मामले में अदालत में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ जहां पहले कोर्ट द्वारा दोषी पवन के वकील की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें कहा गया था कि घटना के वक्त वह नाबालिग था. इसके बाद वकील एपी सिंह द्वारा कई अन्य तरीके की दलील भी दी गई और कुछ मिनटों का समय भी मांगा गया लेकिन कोर्ट ने कोई भी बात सुनने से इनकार कर दिया.
सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को एक साथ फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. फांसी से पहले चारों दोषियों के हाथ-पैर बांध दिए गए और दोषी विनय रोने लगा. इसके बाद चारों दोषियों के चेहरे पर नकाब ढक कर उन्हें फांसी पर लटका दिया. फांसी के सिर्फ 7 मिनट बाद जिलाधिकारी ने चारों के मरने की पुष्टि कर दी. 30 मिनट बाद डॉक्टर ने चारों को मृत घोषित कर दिया.

निर्भया की अंतिम इच्छा
निर्भया ने अपनी आखिरी चिट्ठी अपनी मां को 26 दिसंबर 2012 को लिखी थी. चिट्ठी में लिखा गया था कि वह मौत के मुंह में समा जाना चाहती है. अब वह इस दर्द को और ज्यादा सहन नहीं कर सकती है. निर्भया ने चिट्ठी में लिखा की मां, मैं अब थक गई हूं और सोना चाहती हूं. मुझे बहुत दर्द हो रहा है और डॉक्टर से कहकर मुझे दवाई दिलवा दो. इतना कहते-कहते निर्भया कोमा में चली गई.