लॉकडाउन : भतीजी को लेने घर से बाहर गया था, तभी जो हुआ जानकर स्तब्ध हो जाएंगे आप!

हिमाचल प्रदेश में कर्फ्यू में ढील के दौरान बिलासपुर जिले में पुलिस कर्मियों की बर्बरता सामने आई है। प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीजीपी सीता राम मरडी की अपील के बावजूद भी पुलिस लोगों को पीट रही है। पिटने वाला युवक बीमार भतीजी को ननिहाल से लाने के लिए घर से गया था। मामला हिमाचल के बिलासपुर जिले का है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज चौक पर तैनात पुलिस कर्मियों ने कार को रोक कर बिना कुछ पूछे लाठियां भांजना शुरू कर दिया। युवक की इतनी पिटाई की कि छाती की हड्डी बाहर निकल गईं इसके अलावा, पैर की हड्डी में भी फ्रैक्चर हो गया और शरीर पर जख्म हैं।
युवक के पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप बिना सच्चाई जानें उनके बेटे पर पुलिस कर्मियों ने हमला कर घायल कर दिया गया है। पीड़ित युवक और उसके पिता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पुलिस महानिदेशक से इस घटना की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर जांचकर दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है। आरोप है कि मेडिकल करवाने की बजाय युवक को मुंह बंद रखने की बात कही और धमकाकर घर भेज दिया।
बिलासपुर के रघुनाथपुरा के रणदीप सिंह ने बताया कि करीब चार दिन पूर्व बिलासपुर नगर के कॉलेज चौक पर पुलिस ने मारपीट की। बाद में पुलिस थाना सदर ने अस्पताल में उपचार करवाया और घर भेज दिया। युवक ने बताया कि उसका मेडिकल नहीं करवाया गया। रणदीप सिंह ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को पुलिस ने मेडिकल करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पताल बुलाया, लेकिन बार-बार के आग्रह के बावजूद छाती का एक्सरे नहीं लिया गया।
युवक का कहना है कि छाती की हड्डी मारपीट के कारण टेढ़ी हो गई है और भारी दर्द होने से मुझे रात भर नींद नहीं आई है। रणदीप सिंह ने आरोप लगाया है कि उसकी गाड़ी और दो मोबाईल फोन भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। उन्होने संदेह व्यक्त किया है कि इस कारण से मेरी गाड़ी और फोन का दुरुपयोग हो सकता है। पीड़ित युवक का यह भी कहना है पुलिस कर्मी उस पर नाका तोड़ने का आरोप लगा रहें हैं, जबकि उसने कोई भी नाका नहीं तोड़ा है। इसकी सीसीटीवी कैमरे की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए।