लॉकडाउन में गोद में 1 साल का बच्चा लिए दम्पति साइकिल से निकल पड़े मध्य प्रदेश

कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश में 3 मई तक लॉकडाउन है। इसका अर्थ यह है कि कोई भी शख्स एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा सकता है। लेकिन देश के अलग अलग हिस्से से जो तस्वीरें और खबरें आ रही हैं वो निराश करती हैं, सोचने पर मजबूर करती हैं कि किसे सही और किसे गलत ठहराया जाए। 
राज्य सरकारें एक तरफ दावा करती हैं उनके यहां खाने की दिक्कत नहीं है। लेकिन प्रवासी मजदूरों का पैदल या साइकिल से अपने गृहराज्यों की तरफ जाने की कवायद सरकारी दावों की पोल भी खोलती हैं।
नागपुर में रहने वाली एक प्रवासी मजूदर अपनी पीड़ा को कुछ यूं व्यक्त करती है। वो कहती है कि उसके पति और वो अपने एक साल के बच्चे के साथ मध्य प्रदेश के सिवनी के लिए साइकिल से ही निकल पड़ी। 
वो लोग 14 अप्रैल से बस का इंतजार कर रहे थे। लेकिन जब बस नहीं मिली तो साइकिल से ही जाने का फैसला किया। वो कहती है कि कुछ दिन तक तो लगा कि सबकुछ अच्छा होगा। लेकिन समय बीतने के साथ धैर्य टूटता गया