स्पैनिश फ्लू : आज से 100 साल पहले कोरोना जैसे वायरस ने मचाया था आंतक, इस तरह से बची थी लोगों की जान!

स्पैनिश फ्लू अगर आप ये सोच रहे हैं कि दुनिया ने पहली बार ऐसी कोई महामारी देखी है। जो इतनी तेजी से फैल रही है तो आप गलत हैं। क्योंकि कोरोना वायरस की तरह ही साल 1918 में एक वायरस आया था और इस वायरस ने उस समय पांच करोड़ लोगों की जान ली थी। जी हां, साल 1918 में भी दुनिया इसी तरह के एक वायरस का सामना कर चुकी है और इस वायरस को स्पैनिश फ्लू के नाम से जाना जाता है।
स्पैनिश फ्लू के कारण उस दौरा में लोगों को यही स्थिति का सामान करना पड़ा था। जिसका सामना आज हम लोग कर रहे हैं। उस समय की स्थिति और आज की स्थिति बिलकुल एक जैसी ही है। स्पैनिश फ्लू से बचने के लिए उस दौर में जागरूकता फैलाने का अभियान चलाया गया था। इस अभियान में अखबारों ने अहम भूमिका निभाई थी और तब जाकर इस फ्लू से लोगों की रक्षा हो सकी थी। उस समय अखबारों में इस फ्लू से कैसे बचा जा सके इसके बारे में रोज खबरें छपती थी और लोगों को हाथों की स्वच्छता और हाथ धोने के तरीकों के बारे में बताया जाता था।
उस दौरा में भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कहा जाता था और जरूरत पड़ने पर ही लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति दी जाती थी। इतना ही नहीं साल 1981 में भी कई जगह को लॉकडाउन किया गया था। ये फ्लू लंबे समय तक फैला था और इस फ्लू ने भारत में भी आतंक मचाया था। इस फ्लू से लाखों भारतीयों की जान गई थी। काफी समय बाद इस फ्लू की दवाई बाजार में आई और तब जाकर ये फ्लू जड़ से खत्म हो सका। आज भी दुनिया साल 1918 के दौर से गुजर रही है। कोविड-19 यानी कोरोना वायरस की चपेट में पूरी दुनिया आ गई है और ये बीमारी महामारी बन गई है। 
कोरोना वायरस ने अभी तक 40 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। जबकि 9 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित है। दुनिया में तेजी से फैल रहे इस वायरस को रोकने के लिए लाख कोशिशें की जा रही है। लेकिन उसके बावजूद भी इस वायरस को फैलने से रोकने में हर देश नाकाम रहा है।कोरोना वायरस से निकलने का एक मात्र ही रास्ता है और वो रास्ता इसकी दवा है। दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की दवाई बनाने में लगे हुए हैं। लेकिन इसकी दवाई बाजार में आने में 1 साल से अधिक का समय लग सकता है। इसलिए कोरोना से बचने के लिए साफ-सफाई और लोगों से दूरी बनाए रखा ही एक मात्र रास्ता है।
आज कोरोना वायरस के कारण लोग घरों के अंदर बंद हैं और इस वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, समय-समय पर हाथ धोना और इत्यादि तरह की सावधानी बरत रहे हैं। उस दौर में मीडिया ने काफी अहम भूमिका निभाई थी और आज कोरोना वायरस से लड़ने में भी मीडिया मुख्य भूमिका निभा रही है। अखबारों, सोशल मीडिया और चैनलों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि वो कैसे सोशल डिस्टेंसिंग और साफ सफाई का ध्यान रखते हुए इस वायरस से अपने आपको बचा सकते हैं।