एंबुलेंस के सहारे अलीगढ़ से मुरादाबाद भेजे जा रहे थे 19 बच्चे, सिपाही की नजर पड़ने पर हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के चंदौसी तहसील में बुधवार रात गुन्नौर पुलिस ने 19 बच्चों को ले जाते हुए एक एंबुलेंस को पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर एंबुलेंस चालक ने अतरौली के सीओ और एसडीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उसे भेजा है। चालक के मुताबिक बच्चे अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र के बैजार गांव के मदरसे में पढ़ते हैं और उन्हें वहां से मुरादाबाद के मिर्जापुर गांव भेजा जा रहा था।
पुलिस ने पूछताछ कर बच्चों को उसी एंबुलेंस से वापस अलीगढ़ भेज दिया और उन्हें लेने के लिए आए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। मालूम हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को भी किसी सीमा के भीतर जाने की अनुमति नहीं है।

हालांकि इमरजेंसी सेवा वाले वाहनों को छूट है। बुधवार को संभल जनपद सीमा के नरौरा बैराज पुल की ओर से एंबुलेंस आई। एंबुलेंस चालक ने गेट खोलने का इशारा किया। सिपाही गेट खोलने के लिए उठा, तभी एंबुलेंस में बैठे छोटे बच्चों पर उसकी नजर पड़ी। एंबुलेंस को मौके पर ही रोक दिया गया।गेट खुलवाकर देखा तो उसमें 19 बच्चे बैठे थे। पुलिस ने चालक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने कहा कि उसे अतरौली के सीओ और एसडीएम ने भेजा है। बच्चे अतरौली के एक मदरसे में पढ़ते हैं और उन्हें मिर्जापुर भेजा जा रहा था।
एंबुलेंस चालक ने बताया कि उसे बच्चों को नरौरा पुल तक ही छोड़ना था, इसके बाद बच्चों को लेने के लिए दूसरी गाड़ी आती। इस दौरान एंबुलेंस के पास खड़े दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि एंबुलेंस में उनके दो भांजे हैं, जिन्हें लेने के लिए वो यहां तक आए थे। पुलिस दोनों को गुन्नौर कोतवाली ले गई, उनसे पूछताछ की जा रही है।

एंबुलेंस से भेज जा रहे थे बच्चे, ताकि कोई रोके ना

बच्चों को मदरसे से एंबुलेंस द्वारा मुरादाबाद भेजा जा रहा था, ताकि कोई उन्हें रास्ते में न रोके। हुआ भी ऐसा ही। सभी जनपदों की सीमाएं सील हैं। थाना सीमाओं पर पहरा है। इसके बावजूद एंबुलेंस अलीगढ़ के अकरौली से शुरू होकर बुलंदशहर, होते हुए संभल की सीमा में प्रवेश कर गई थी। सिपाही की नजर न पड़ती, तो एंबुलेंस यहां से भी पार हो जाती।