2 महीने से शरीर में गोली लिए घूम रहा है ये शख्स, एक्सरे में पता चला इस जगह धंसी है बुलेट..

यूपी के कानपुर में नागरिकता कानून के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन में घायल हुए एक शख्स के साथ डॉक्टरों द्वारा बड़ी लापरवाही सामने आई है। बता दें, सीएए के खिलाफ यूपी में दिसंबर 2019 में कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई घायल हो गए थे। इसी क्रम में 20 दिसंबर 2019 को कानपुर के बाबूपुरवा में भी हिंसा हुई थी, जिसमें 3 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि कई गोली लगने से घायल हो गए थे।
बाबूपुरवा के रहने वाले 20 साल शान मोहम्मद भी हिंसा में गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसी दिन शान का आपरेशन किया और 26 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया। शान ने कहा, करीब 10 दिन पहले घाव बढ़ने के साथ ही इंफेक्शन फैलने लगा। उर्सला अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया, तो उन्होंने एक्स-रे कराने को कहा। एक्सरे में कंधे के पास गोली फंसी निकली। शान के परिजनों ने कहा, हिंसा के बाद हैलट अस्पताल में डॉक्टरों ने गोली फंसे होने की बात कह कर ऑपरेशन किया था, पता नहीं फिर गोली कैसे अंदर रह गई। 
परिजनों ने कहा, हैलट अस्पताल से न ही कोई जांच रिपोर्ट और न ही इलाज सम्बंधी कोई दस्तावेज दिये गये। हम मांग करते हैं कि शरीर में फंसी गोली की जांच की जाए। ताकि पता चल सके कि गोली पुलिस की बंदूक से लगी या नहीं। बाबूपुरवा पुलिस का कहना है, हिंसा के मामले में हत्या समेत अन्य मामलों मे दर्ज की गयी रिपोर्ट मे शान मोहम्मद को भी आरोपी बनाया गया है। एसआईटी के मुताबिक, शान वर्तमान मे फरार चल रहा है। एसएसपी आनंत देव तिवारी ने कहा, मामले की जांच एसआईटी कर रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज की प्रिंसपल आरती लाल चंदानी का कहना, मामला जानकारी में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।