24 बीघे में बना है मौलाना साद का फार्म हाउस, जीता है ऐसी जिंदगी

तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद की खोजबीन तेज हो गई है। साथ ही कई तरह की जांच भी चल रही है, जिससे माना जा रहा है कि कोरोना वायरस को बढ़ावा देने का आरोपी मौलाना साद और मुश्किलों में फंस सकता है। हालांकि आज मौलाना के कांधला में छोटी नहर स्थित 24 बीघे में बने फार्म हाउस पर पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने छापा मारा। यह कार्रवाई एसओ कांधला और एलआइयू इंस्पेक्टर की अगुवाई में टीम ने किया। एक घंटे तक जांच कर टीम बिना कुछ बताए लौट गई। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान मौलाना साद के पारिवारिक सदस्य मौलाना बदर भी मौजूद रहे।
वहीं, खबर है कि मीडिया के पूछने पर कार्रवाई करने गई टीम ने साफ कहा कि इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं, जो जानकारी देंगे वे उच्चाधिकारी ही देंगे। बता दें कि दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से मरकज के बाद लॉकडाउन के दौरान वहां से लौट तब्‍लीगी जमात के मामले में पुलिस मौलाना साद की तलाश में जुटी है।

तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधला के मूल निवासी हैं। इनके पूर्वज आजादी से पहले कांधला छोड़कर दिल्ली में बस गए थे, मौलाना साद के रिश्तेदार यहां रहते हैं। उनके दो बेटों की भी कांधला में ससुराल है। आज पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने छापा मारा। एक घंटे तक जांच कर टीम बिना कुछ बताए लौट गई।

मौलाना साद का शामली के कांधला के गांव मलकपुर-जिडाना की छोटी नहर के पास 24 बीघे का फार्म हाउस है। यह संपत्ति उन्हीं के नाम है। फार्म हाउस के लगभग तीन सौ गज के हिस्से को आवासीय रूप दिया गया है। इसमें आधा दर्जन से ज्यादा कमरे, लॉबी व बरामदें हैं।

फार्म हाउस में एक स्वीमिंग पूल भी है। यहां फिलहाल आधा दर्जन से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां मौजूद हैं। फार्म हाउस की बाकी जमीन पर लॉन व सड़कें हैं। प्रवेश करने के लिए दो गेट हैं। सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री को बिजली के तारों से कवर किया गया है।
फार्म हाउस के कमरों को सजाया-संवारा गया है। यहां मौज-मस्ती की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां मौलाना साद के करीबियों का आना-जाना रहता है। लेकिन, मरकज में कोरोना को लेकर उपजे विवाद के बाद फार्म हाउस में बाहरी लोगों की आमद बंद कर अंदर से ताला लगाया गया है।

बाउंड्री पर लगे तारों में अब बिजली आपूर्ति शुरू कर पालतू कुत्तों को भी सुरक्षा के लिए छोड़ दिया गया है। वहीं, दिल्ली क्राइम ब्रांच मौलाना साद की ससुराल सहारनपुर में भी गुपचुप तरीके से डेरा डालकर जानकारी जुटा रही है। हालांकि सहारनपुर पुलिस का इस संबंध में कहना है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की सहारनपुर में मौजूदगी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

हर माह करोड़ों रुपये की फंड होने की वजह से तब्लीगी जमात के प्रमुख की गद्दी पर देशभर के मौलानाओं की नजर है। अब कानून का शिकंजा कसता दिखा मरकज के सभी मौलाना भूमिगत हो गए। मौका देख साद विरोधी गुट के मौलानाओं ने शुक्रवार रात मरकज की मस्जिद में नमाज पढ़ ली।

वर्ष 2000 में मरकज के तत्कालीन प्रमुख की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद गद्दी पर काबिज होने के लिए मौलानाओं के दो गुटों के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई थी। इस हिंसा के बीच मुहम्मद साद मरकज की गद्दी पर काबिज होने में सफल रहा था।
तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद के कांधला स्थित फार्म हाउस पर दिल्ली पुलिस ने नोटिस चस्पा किया है। इसमें 26 सवालों के तत्काल जवाब मांगे गए हैं।