3 मई तक देश में बढ़ेगा लॉकडाउन- पीएम मोदी ने किए ऐलान

भाषण की शुरुआत में संविधान निर्माता डॉ.भीम राव अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा- अनुशासित सिपाही की तरह कर्त्वय निभा रहे हैं। मैं आप सभी को नमन करता हूं। संविधान में ‘हम भारत के लोग’ की बात कही गई है। ये वही तो है।
कोरोना संकट के मद्देनजर देश में तीन मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। 21 दिनों के लॉकडाउन के आखिरी दिन यानी 14 अप्रैल, 2020 को पीएम मोदी ने देश के नाम सुबह संबोधन दिया। उन्होंने इस दौरान देशवासियों को लॉकडाउन का पालन करने के लिए शुक्रिया अदा किया।

भाषण की शुरुआत में संविधान निर्माता डॉ.भीम राव अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा- अनुशासित सिपाही की तरह कर्त्वय निभा रहे हैं। मैं आप सभी को नमन करता हूं। संविधान में ‘हम भारत के लोग’ की बात कही गई है। ये वही तो है। हम अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है।

बकौल मोदी, “जब भारत में कोरोना मरीज नहीं थे, तब भी हमने विदेशों से आने वालों के लिए स्क्रीनिंग शुरू करा दी थी। 100 केस होने पर और कदम उठाए। जब 550 केस थे, तभी 21 दिन के लॉकडाउन का कदम उठाया। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार न किया, बल्कि दिखते ही उसे तेजी से फैसले लेकर रोकने का प्रयास किया।”

मोदी के मुताबिक, ये ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं है। पर कुछ सच्चाइयां हम नकार नहीं सकते। अगर दुनिया सामर्थवान देशों के आंकड़े देखें तो भारत बहुत संभली स्थिति में है। महीने भर पहले कई देश संक्रमण के मामले भारत के बराबर थे। आज वहां भारत की तुलना में केस 25-30 गुणा बढ़ गए हैं।

पीएम ने इसके अलावा इन 7 बातों में देशवासियों का साथ मांगा-

अपने बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। जिन्हें पुरानी बीमारी हो। उनकी हमें एक्स्ट्रा देखभाल करनी है।लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पालन करें। घर में बने फेसकवर, मास्क का इस्तेमाल करें।इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालन करें। काढ़ा व गर्म पानी लें।
कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए आरोग्य सेतु ऐप को जरूर डाउनलोड करें। दूसरों को भी प्रेरित करें।जितना हो सकें गरीबों की देखरेख व भोजन की व्यवस्था करें।अपने बिजनेस व उद्योग में काम करने वालों के प्रति संवेदना रखें। नौकरी से न निकालें।

कोरोना योद्धाओं- डॉक्टर, नर्स, पुलिस व सफाई वालों का आदर सम्मान करें।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने 19 मार्च और 24 मार्च को भी राष्ट्र को संबोधित किया था। कई राज्य सरकारों ने पूर्ण बंदी की अवधि बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री को सुझाव दिया है। वैसे, कई राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर पूर्ण बंदी अगले 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। देश के विभिन्न क्षेत्रों को वहां कोविड-19 के मामलों की संख्या को देखते हुए तीन तरह के क्षेत्रों – रेड, आरेंज और ग्रीन में बांटने का भी सुझाव दिया गया है। इन इलाकों को कोरोना संक्रमण के खतरे के लिहाज से चिह्नित किया जाएगा।

बता दें कि भारत में कोरोना के कुल मामले (मंगलवार सुबह तक) 10,363 हो गए हैं, जिनमें 8988 एक्टिव केस हैं। 1035 सही/डिस्चार्ज/माइग्रेट हो चुके हैं, जबकि 339 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 1211 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 31 मौतें हुई हैं।