हिंदू इलाके में शांति मार्च… फिर मस्जिद में मीटिंग और 400 लीटर पेट्रोल से हमला’ – बुरे फँसे AAP विधायक हाजी युनूस

"पिछले 5 साल यहाँ पर बीजेपी का विधायक रहा, एक पत्ता तक नहीं हिला। जैसे ही मुस्लिम विधायक जीतकर आया है, परिस्थितियाँ अचानक से बदल गईं। मुस्लिम विधायक ने हमारे ऊपर अत्याचार करने शुरू कर दिए।"

दंगे से पहले हाजी युनूस ने निकाला था शांति मार्च
दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में 42 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। 250 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं। इन मुस्लिम दंगाइयों की भयावहता और पूर्व नियोजित साजिश की पोल एक-एक कर खुलती जा रही है। इन्होंने हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी थी और इसी के तहत इस खूनी दंगे को अंजाम दिया गया। विरोध-प्रदर्शन के नाम पर हिंदुओं के घरों को जलाया गया, उनकी दुकानों में तोड़-फोड़ की गई, तो कहीं ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ के साथ मुस्लिम भीड़ ने विनोद नाम के हिंदू शख्स की जान ले ली। इसी तरह शिव विहार की छतों पर पत्थर और बम दूर तक फेंकने के लिए गुलेल का इस्तेमाल किया गया।

शिव विहार के स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस हिंसक दंगे को अंजाम देने से एक घंटा पहले यहाँ के वर्तमान AAP विधायक हाजी युनूस ने हिंदू बहुल इलाके में शांति मार्च निकाला था। हिंदू बहुल इलाके में इस शांति मार्च के जरिए ये कहा गया कि शांति बनाए रखें। लेकिन इसके बाद क्या हुआ और क्या किया गया, असल खबर वही है। हिन्दुओं के इलाकों से शांति मार्च निकालने के बाद विधायक हाजी युनूस बगल की एक मस्जिद में जाते हैं, वहाँ मीटिंग करते हैं… और फिर हिंदुओं के ऊपर 400 लीटर पेट्रोल के साथ हमला किया जाता है।

इसके बाद पूर्व विधायक भीष्म शर्मा के स्कूल को तहस-नहस कर दिया जाता है। स्कूल के 30 साल का रिकॉर्ड सब राख हो चुका है। इसी तरह शिव विहार तिराहे के पास के डीआरपी स्कूल को जला दिया गया, जो एक हिन्दू का था। उसके बगल में एक मुस्लिम का स्कूल था, उसको कुछ भी नुकसान नहीं हुआ है, जबकि हिन्दू के स्कूल को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया गया।

इन खूनी दंगों से यहाँ के हिन्दू इतने ज्यादा दहशत में हैं कि उनका कहना है कि ऐसे माहौल में वो यहाँ नहीं रह सकते हैं। पीड़ितों में से एक ने कहा, “अगर यही माहौल रहा तो हम यहाँ नहीं रहेंगे, गाँव से जमीन बेचकर यहाँ आए थे, अब यहाँ से बेचकर कहीं और चले जाएँगे। मेरी बेटी गार्गी कॉलेज में पढ़ती है। वह 5 दिन से घर लौटकर नहीं आई है। वो अपनी दोस्त के साथ पीजी में रूकी हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, “यहाँ बीच में एक गंदा नाला है। यहाँ पर एक पुलिया बनाया गया है, जहाँ से वो लोग इधर आए। हमारे हिंदू बेल्ट के एक भी भाई उस तरफ नहीं गए। वो हमारी कॉलोनी में आकर घुसे हैं। हिंदू उधर नहीं गए। उन्होंने हम पर हमला किया है। हमने नहीं किया है। पिछले 5 साल यहाँ पर बीजेपी का विधायक रहा, एक पत्ता तक नहीं हिला। चुनाव तक माहौल बिल्कुल ठीक था। मगर इसके बाद जैसे ही मुस्लिम विधायक जीतकर आया है, परिस्थितियाँ अचानक से बदल गईं। मुस्लिम विधायक ने हमारे ऊपर अत्याचार करने शुरू कर दिए।”