जन धन योजना : 500 रु.के चक्कर में मिली जेल और देना पड़ा 10000 रु. !

कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से भारत में बढ़ रहा है। ऐसे में पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है। इस वजह से कई लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कोरोना की महामारी के चलते गरीबों को बेरोजगार होना पड़ा है। वहीं सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के जनधन खातों में 500-500 रुपये की पहली किस्त भेज है।
इसी पैसों को लेना कुछ लोगों पर भारी पड़ गया है। दरअसल मध्यप्रदेश मेें लॉकडाउन लगा हुआ लेकिन लोग प्रधानमंत्री जन धन योजना से 500 रुपये निकालने के लिए सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन कर बैठे है।

इतना ही नहीं मध्यप्रदेश के भिंड शहर में ऐसी कई महिलाए थी जो इन पैसों को लेने के लिए एसबीआई के कियोस्क सेंटर गईं लेकिन पैसा तो नहीं मिला बल्कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ पुलिस ने सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने पर 39 गरीब महिलाओं को जेल की हवा भी खिला डाली।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार इन महिलाओं को पांच घंटे अस्थाई जेल में रखने के बाद छोड़ा भी गया लेकिन 10 हजार के मुचलका तक देना पड़ा है।  इस बाद का खुलासा संतोष नगर की रहने वाली गीता शाक्य ने किया है। उन्होंने कहा कि 39 महिलाओं के साथ उन्हें लॉकडाउन के उल्लंघन में पुलिस ने हिरासत में लिया था।

गीता के अनुसार उन्हें शाम 6 बजे छोड़ा गया लेकिन 10 हजार के मुचलके देने पर। आलम तो यह है कि गीता ने साफ कर दिया है कि उन्हें 500 रुपये की मदद नहीं चाहिए।

गीता ने कहा कि हम पैसे निकालने गए थे, पकड़ ले गए. गाड़ी में बैठे रहे, हमें बंद कर दिया. 10000 की जमानत पर छोड़ा।

हम नहीं जाएंगे अब पैसे लेने। गीता की तरह बाकी महिलाएं भी आई तो थीं बैंक, निकलीं अस्थाई जेल से…500 रुपये तो नहीं मिले, पांच घंटे अस्थाई जेल में जरूर बैठना पड़ा। बता दें कि कोरोना वायरस के चलते सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है।

इस वजह से गरीबों के लिए राशन की जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि सरकार ऐसे लोगों की मदद कर रही है।