जाको राखे साइयां मार सके ना कोय" कोरोना को हराकर मुस्कुरा दी बच्ची, 50 दिन तक वायरस से लड़ी!

इटली दुनिया का वह देश है, जहां कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यह वायरस चीन के हुबेई प्रोविन्स के वुहान शहर से पूरी दुनिया में फैला, लेकिन चीन में जहां कोरोना से 81,518 लोग संक्रमित हुए और 3,305 लोगों की मौत हुई, वहीं इटली में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 105,792 हो गई है। इटली में कोरोना से अभी तक कुल 12,464 लोगों की मौत हो चुकी है। 
पूरा इटली तहस-नहस हो गया है। लेकिन एक कहावत है - जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। यह कहावत इटली के एक 6 महीने के बच्चे और 102 साल की महिला पर सटीक बैठती है, जिन्होंने कोरोना की जंग जीत ली। 6 महीने का लियोनार्दो कोरोना के संक्रमण का शिकार हो कर 50 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन वह बच गया। उसे अब 'वंडरफुल फेस ऑफ होप' और 'मिरेकल बेबी' कहा जा रहा है। 
वहीं, कोरोना से पीड़ित 102 साल की दादी अम्मा इटालिका ग्रोन्डोना भी कोरोना को हरा देने में कामयाब रहीं। इन्हें 'द इमोर्टल' नाम से पुकारा जा रहा है। ये 20 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहीं। जब ये लियानार्दो की उम्र की यानी 6 महीने की थीं, तब इन्हें स्पेनिश फ्लू नाम की बीमारी हुई थी। यह बीमारी भी काफी खतरनाक माना जाती है, लेकिन तब भी इन्होंने जल्दी ही इससे छुटकारा पा लिया था। 6 महीने का लियानार्दो कोरोना से संक्रमित होने के बाद 50 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन उसने कोरोनो से जंग जीत ली। अब इसे 'वंडरफुल फेस ऑफ होप' कहा जा रहा है।