लॉकडाउन : जान बचाने वाले डॉक्टर की जान लेने की हुई कोशिश, भीड़ ने घेरकर मारा, बुजुर्ग ने बचाई जान

कोरोना संकट में तमाम नर्स और डॉक्टर फ्रंटफुट पर हैं. वो बिना रुके और थके मरीजों की मदद कर रहे हैं. कोरोना को मात देने के लिए उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डाल रखा है. बावजूद इसके पिछले कुछ समय में डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले सामने आए हैं.
ताजा मामला यूपी के मुरादाबाद का है, जहां कोरोना संक्रमित व्यक्ति के परिवार को क्वारंटीन करने के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर इंसानियत को एक बार फिर से शर्मसार कर दिया है. हमले में डॉक्टर, एंबुलेंस चालक समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं
घायल डॉ. अग्रवाल ने बाताया कि वो अपनी टीम के साथ मुरादाबाद के नवाबपुरा में एक कोरोना पॉजिटिव कारोबारी की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों को लेने गए थे. वह उन्हें लेकर वहां से वापस लौटते इससे पहले लोगों की एक भीड़ ने उन्हें और उनकी टीम को चारों तरफ से घेर लिया. वह उन्हें कुछ समझाते इस पहले लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए.
डॉ. अग्रवाल के मुताबिक मौके पर मौजूद एक बुज़ुर्ग की मदद से उनकी जान बच सकी. कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और वो उनकी टीम के साथ वहां से निकल सके. सभी घायलों को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.  
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए ट्विटर पर लिखा,  ''स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर्स व कर्मी, सभी सफाई अभियान से जुड़े अधिकारी/कर्मचारी, सुरक्षा में लगे सभी पुलिस अधिकारी व पुलिस विभाग के कर्मी इस आपदा की घड़ी में दिन रात सेवा कार्य में जुटे हैं'' ''मुरादाबाद में पुलिस, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता अभियान से जुड़े कर्मियों पर हमला एक अक्षम्य अपराध है, जिसकी घोर निंदा की जाती है. ऐसे दोषी व्यक्तियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम तथा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी''