जमात पर हंगामे के बीच मिसाल बने ये मुस्लिम युवा

एक ओर जहां तबलीगी जमात के कुछ लोगों की हरकतों को लेकर पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ मुस्लिम युवाओं ने इस मुश्किल वक्त में गरीबों की मदद करने का बीड़ा उठाया है। ये युवा बीते कई दिनों से झोपड़पट्टियों से लेकर दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों की बस्ती में जा रहे हैं, और उन्हें राशन के पैकेट उपलब्ध करा रहे हैं।
लखनऊ के इन युवाओं का कहना है कि देश का नागरिक होने के नाते हम सभी की जिम्मेदारी है कि सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए, कोरोना को हराने की लड़ाई लड़ें। यूपी सरकार की भाषा समिति के सदस्य दानिश आज़ाद के नेतृत्व में ये मुस्लिम युवा लोगों की मदद कर रहे हैं। एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में दानिश ने कहा, 'लॉकडाउन के चलते हम सभी सरकारी निर्देशों का पालन कर रहे हैं। अपने घरों के आसपास रहने वाले सक्षम लोगों ने हमने राशन एकत्रित किया, अपने पास से भी पैसे लगाए और फिर उसे आसपास की ही बस्ती में बांटा।'

कम पढ़े-लिखों पर फोकस

दानिश ने बताया कि उनका फोकस ऐसे लोगों पर है जो कम पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी कोशिश है कि लोगों को समझाया जाए कि यह लॉकडाउन उन्हीं की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लोग सरकार के नेक इरादों को समझें और निर्देशों का पालन करें।'

राशन देने के साथ लोगों को कर रहे जागरूक
लोगों की मदद में जुटीं फराह दीबा ने कहा, 'हम सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कर रहे हैं। हमने अपने साथ के लोगों से भी कहकर रखा है कि अगर किसी को राशन की जरूरत लगे तो हमें बताएं, हम उनतक किसी न किसी माध्यम से मदद जरूर पहुंचाएंगे।' उन्होंने बताया कि सरकार ने लोगों की मदद के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे सरकारी मदद नहीं ले पा रहे हैं, हम ऐसे लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि सरकारी मदद का लाभ वे किस तरह से उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ शकील अहमद, इरशाद अहमद, आसिफ इकबाल, हामिद समेत कई युवा हैं जो इस काम में जुटे हुए हैं।