भारत के इतिहास में पहली बार दो बहनों को दी जाएगी फांसी,कारनामे जानकर रोंगटे हो जाएंगे खड़े

निर्भया केस के चारों दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल चुकी है और इन चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। निर्भया को इंसाफ मिलने में करीब 7 साल का समय लगा था और लंबी सुनवाई के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा दी गई थी। निर्भया कांड हमारे देश में हुए सबसे बड़े अपराधों में से एक था और इस अपराध के लिए चारों दोषियों के लिए फांसी की सजा भी कम थी।

साल 2012 में हुआ था ये कांड
निर्भया के साथ साल 2012 में पांच लोगों द्वारा रेप किया गया था।

ये घटना दिल्ली की थी। इन पांचों दोषियों में से एक ने जेल में खुद को फांसी लगा ली थी। वहीं अन्य चार दोषी सात सालों से जेल में बंद थे। वहीं हाल ही में इन चारों को फांसी की सजा दे दी गई है।

जिसके साथ ही निर्भया को इंसाफ मिल गया है। पूरा देश लंबे समय से निर्भया के दोषियों को सजा मिलने का इंतजार कर रहा था और ये इंताजर मार्च महीने में जाकर खत्म हुआ।

इन बहनों को कब मिलेगी फांसी की सजा

निर्भया के गुनहगारों को सजा मिलने के बाद अब लोगों की नजर 6 मासूम बच्चों की हत्या करने वाली दो बहनों पर है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली इन दो सगी बहनों पर 6 लड़कों की हत्या का आरोप है और इन दोनों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है

इन दोनों बहनों का नाम सीमा गावित और रेणुका गावित हैं। 

इन दोनों पर आरोप है कि ये पहले बच्चों को चुराती थीं और उनको भीख मांगने को मजबूर किया करती थी। वहीं कुछ समय बाद बच्चों की हत्या कर देती थी। इस तरह से इन दोनों बहनों ने 6 लड़कों की हत्या की थी।

साल 2001 में सेशन कोर्ट ने इनको मौत की सजा सुनाई थी। जिसके बाद इन दोनों ने इस फैसले के खिलाफ़ हाईकोर्ट में अपील की थी। साल 2004 को हाईकोर्ट ने भी इनको दी गई 'मौत की सजा' को बरकरार रखा था। फिर ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने भी इन दोनों की सजा को बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट की और भी मौत की सजा बरकरार रखने के बाद इन दोनों ने राष्ट्रपति से क्षमा याचना मांगी। लेकिन साल 2014 में राष्ट्रपति 'प्रणब मुखर्जी' ने दोनों बहनों को दी गई सजा को माफ नहीं किया। वहीं अब पूरा देश उस पल का इंतजार कर रहा है। जब इन दोनों बहनों को 6 बच्चों की हत्या की सजा मिलेगी और इन्हें फांसी पर लटकाया जाया। ये दोनों बहनें लंबे समय से जेल में बंद है और इनमें से एक की आयु 65 साल की हो चुकी है। वहीं इस आयु में फांसी पर लटकाने वाली ये देश की पहली महिला होगी।