"ऐसे विपद समय में पुलिस वालों को ऐसा काम करते देख मन खुश हो जाएगा आपका"

पेशेगत तौर पर भले ही कठोरता की पहचान कायम हो गई हो लेकिन, करुणा और ममता का साथ कहां छूट पाता है! तभी तो मुरादाबाद में महिला थाने में तैनात प्रभारी सहित सभी महिला सिपाही बेबस लोगों की रोटी के जुगाड़ में जुट गईं। सोशल मीडिया, टीवी और समाचार पत्र में देखा कि लोग मारे भूख के बिलबिला रहे हैं। हृदय पसीज गया। सबने अपने पैसे जोड़े और रसद लाकर थाने में ही रसोई सजा ली। कोई सब्जी काटने लगा तो किसी ने बेली रोटी-पूड़ी। 
बात यहीं नहीं रुकी, जब भोजन का पैकेट तैयार हो गया तब थाने से बाहर निकल जरूरतमंदों को ढूंढ़-ढूंढ़कर खाना खिलाया। मानो, जयशंकर प्रसाद की काव्य पंक्ति साकार रूप में प्रदर्शित हो - नारी तुम केवल श्रद्धा हो। शनिवार को यह पहल महिला थाने की एसओ ज्योति सिंह के नेतृत्व में हुई। महिला दारोगा पूनम राठी समेत महिमा, कमलेश कुमारी, रूबी, निशा, भीम प्रिया, होमगार्ड गीता, राजवारी आदि ने पूरे लगन से फूड पैकेट तैयार किए। सबने मिलकर आलू-गोभी की सब्जी और पूड़ी के साथ दोपहर तक खाने के सौ पैकेट तैयार कर लिए। इसके बाद जीप में रखकर इसे राहगीरों को बांटा। 

ज्योति ने बताया कि पैदल ही अपने परिवार के पास जाने वाले लोग सड़कों पर भूखे चल रहे हैैं। होटल एवं ढाबे बंद हैं। इसलिए उन लोगों ने यह कदम उठाया। पूनम राठी ने बताया कि शुक्रवार की रात में ही थाने के सभी स्टॉफ ने यह प्लान तय किया। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। शनिवार को राहगीरों के अलावा लोकोशेड व अन्य रास्तों पर भटकने वालों को भोजन पैकेट दिए गए। सिपाही रूबी और भीमप्रिया ने कहा कि सिपाहीगिरी तो रोज करती थी लेकिन, अबकी गरीब और बेबस लोगों की भूख मिटाने का जो सुख मिला, वह अलौकिक है।