स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों का कुबूलनामा, समोसे वाली चाची ने उकसाया तो हमने कर दिया पथराव

इंदौर के टाटपट्टी बाखल क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के छह आरोपितों को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया। इससे पहले सात को गुरुवार को ही जेल भेजा जा चुका है। हमले के करीब 10 अन्य आरोपितों की शिनाख्त भी कर ली गई है। वीडियो फुटेज में दिख रही महिलाओं की भूमिका भी जांची जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों ने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने समोसे वाली चाची के उकसाने पर पथराव किया था।
उधर, खुफिया विभाग ने रानीपुरा में लोगों को सख्ती से आइसोलेट करने और बड़वाली चौकी क्षेत्र में चल रहे प्रदर्शन को जबरदस्ती बंद करवाने का बदला लेने के लिए भी हमला करने की शंका जाहिर की है। इसके बाद एसटीएफ भी मामले की छानबीन में जुट गई है। इस घटना पर इंदौर के शहर काजी इशरत अली ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान माफी मांगी है।

गौरतलब है कि कोरोना पीडि़त मिलने के बाद बुधवार को डॉक्टरों की टीम टाटपट्टी बाखल में संदेहियों की स्क्रीनिंग करने गई थी तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। इसकी देशभर में कड़ी निंदा हुई थी। उधर, पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को मोहम्मद मुस्तफा, नौशाद कादरी, मो.गुलरेज, शाहरख खान, मुबारिक, शोहेब उर्फ शोबी व मज्जू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

इनमें से चार आरोपितों पर रासुका लगाकर रीवा जेल भेजा है, जबकि आरोपितों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी कारवाई की गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपितों के साथी मोहम्मद सावेज, मो. नवेद, मो. अनस, मो. साजेव, नफीस अब्दुल रजाक और मो. युसूफ निवासी टाटपट्टी बाखल को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने पूछताछ में कुबूला कि मुबारिक की मां (समोसेवाली चाची) के घर में स्वास्थ्यकर्मी स्क्रीनिंग कर रहे थे तभी चाची ने आवाज लगाई। इस पर भीड़ जुट गई। इसके बाद चाची ने डॉक्टरों को धमकाया और हमें उकसाया। इसके बाद हमने पथराव शुरू कर दिया।

बदले के लिए तो नहीं किया पथराव

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में खुफिया विभाग भी रिपोर्ट बना रहा है। विभाग ने आशंका जताई है कि टाटपट्टी बाखल में हुआ घटनाक्रम रानीपुरा और बड़वाली चौकी मामले का बदला है। रानीपुरा में विरोध के बाद भी लोगों को स्क्रीनिंग कर आइसोलेट कर दिया गया था। बड़वाली चौकी क्षेत्र से प्रशासन ने लंबे समय से जारी प्रदर्शन जबरन समाप्त करवा दिया था। इसके बाद क्षेत्र के कुछ युवकों ने नाराजगी जाहिर की थी।

राज्यपाल ने की डॉक्टरों से बात

इंदौर की आयुष चिकित्सक डॉ. तृप्ति और डॉ. जाकिया को राज्यपाल लालजी टंडन ने राष्ट्र की बेटी बताते हुए कहा कि बेटी, तुम दोनों मप्र की गौरव हो। हमें तुम पर गर्व है। दूसरों के लिए तुम दोनों आदर्श और प्रेरणा बन गई हो। राज्यपाल ने दोनों चिकित्सकों से फोन पर चर्चा कर काम के प्रति उनके समर्पण व जज्बे की तारीफ भी की। राज्यपाल से फोन पर हुई चर्चा से दोनों चिकित्सक अभिभूत हो गई। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा उन्हें बेटी के रूप में संबोधित करने से उनका मनोबल कई गुना बढ़ गया है। गौरतलब है कि उक्त दोनों डॉक्टरों पर ही हमला हुआ था।

वकीलों ने कहा-कोई नहीं करेगा पैरवी

उधर, टाटपट्टी बाखल मामले में शुक्रवार को इंदौर अभिभाषक संघ की बैठक में सर्वानुमति से फैसला लिया गया कि आरोपितों की पैरवी इंदौर का कोई वकील नहीं करेगा।

..तो स्क्रीनिंग के लिए खुद आने लगे सामने

डॉक्टरों व मेडिकल टीम पर पथराव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के बाद शुक्रवार को इलाके का माहौल बदला हुआ था। वहां पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीम को सामने देख लोग चुपचाप स्क्रीनिंग करवा रहे थे। टीम में मौजूद डॉक्टरों के अनुसार उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा था कि ये वही टाटपट्टी बाखल के लोग हैं, जहां दो दिन पहले हमारे साथ मारपीट हुई थी।