इनका भी घर है लेकिन हमारे लिए लॉकडाउन में सड़क पर बैठकर कर रहे है भोजन, ऐसे पुलिसवालों को दिल से सलाम

लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरो और गरीबो पर पड़ा है। इस संकट के समय में कोरोना को हराने के लिए खाकी वर्दी वाले जवान पूरी तरह से मैदान में डटे है। जहाँ पूरा देश कोरोना महामारी जैसी भयंकर बीमारी से जूझ रहा है। तो वही यह खाकी बेसहारा लोगों के लिए मसीहा बन गए हैं। खुद के लिए समय नहीं निकाल पा रहे।
इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हुई है जिसमे पुलिस के जवान जमीन पर बैठकर खाना खा रहे है। फिलहाल यह दोनों तस्वीर कहाँ की इसकी अभी जानकारी नहीं मिल पायी है।ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश से सामने आयी है। जिसे सैल्यूट करने का सबका दिल करेगा। जरूरतमंदो के लिए खुद पुलिसकर्मी खाना बनाते नज़र आ रहे है। तो कहीं फल व जरूरतमंदों को फल और दवाईया पहुचते नज़र आ रहे है।
मेरठ में महिला पुलिसकर्मी खुद से 250 लोगों का खाना बना रही है। जिले के नौचंदी थाने में महिला सिपाहियों ने ये मुहिम चला रही हैं। महिला सिपाहियों की इस सराहनीय काम की हर तरफ तारीफ हो रही है।
इसके अलावा मुरादाबाद के थाना की सभी महिला पुलिसकर्मी थाने में खाना बनाने का काम कर रही है। महिला पुलिसकर्मी थाने में खाना लॉकडाउन के दौरान परेशान लोगो की मदद करने के लिए बना रही है।
लखनऊ में भी पुलिस रेलवे स्टेशन, बसअड्डों के आस-पास डायल 112 की गाड़ियों पर सामान लादकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे है। वही वाराणसी में पुलिस मंदिरों-मठों के बाहर अपना पेट भरने वाले लोगों को ढूंढ कर उनको खाना खिलवा रही है।
गोरखपुर से भी खबर है की पुलिस जरूरतमंदों को अपने पास से आर्थिक मदद दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर की निवासी सुनीता देवी के पति अब इस दुनिया में नहीं है। वह सब्जी मंडी में काम कर अपना व दो बच्चों का पेट पालती थी। लॉकडाउन की वजह से सुनीता पर भी संकट आया तो पुलिस ने घर तक राशन व आर्थिक मदद देकर मदद की।